समय पर छोड़ते तो बेटा अंतिम दर्शन कर लेता, दादी के निधन पर CJP चीफ अभिजीत दिपके के पिता का दिल्ली पुलिस पर फूटा गुस्सा|
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके के माता-पिता ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की।
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके (बाएं ऊपर), पिता भगवान दिपके (बाएं नीचे), दिल्ली पुलिस की पीआरओ डीसीपी नेहा यादव (बीच में) और सीजेपी चीफ अभिजीत दिपके (दाएं)।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट और दिल्ली पुलिस द्वारा CJP चीफ अभिजीत दिपके को देर से छोड़ने के मामले को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. अभिजीत दिपके द्वारा किए गए पलटवार के बाद अब उनके माता-पिता ने भी दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं और तीखी आलोचना की है.
समय पर छोड़ते तो दादी के अंतिम दर्शन कर पाते: पिता
नागपुर और हिंगोली में सामने आए बयानों के अनुसार, अभिजीत दिपके के पिता भगवान दिपके ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उनके बेटे को समय पर छोड़ देती या फिर इस शर्त पर छोड़ती कि अंतिम संस्कार के बाद उसे वापस दिल्ली आना होगा, तो वह निश्चित रूप से अपनी दादी के अंतिम दर्शन के लिए आ सकता था. पिता ने यह भी कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि वह नागपुर पहुंच गया है. भगवान दिपके के मुताबिक, पुलिस को ऐसी बातें सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए थीं जिनका खुलासा नहीं किया जाना चाहिए था, और अगर जानकारी दी भी थी, तो उन्हें दादी के अंतिम दर्शन के लिए कुछ समय देना चाहिए था.
क्या था पूरा मामला?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोले CJP चीफ अभिजीत दिपके जब शनिवार की सुबह दिल्ली पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को विमान में ही हिरासत में ले लिया था. कुछ ही घंटों बाद यह दुखद सूचना सामने आई कि अभिजीत दिपके की दादी का निधन हो गया है. CJP और उनके परिवार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की हिरासत के कारण ही अभिजीत दिपके अपनी दादी को अंतिम समय में देख नहीं पाए. इस विवाद के बढ़ने पर दिल्ली पुलिस की पीआरओ डीसीपी नेहा यादव ने दावा किया था कि निधन की सूचना दे दी गई थी और पुलिस ने मदद भी ऑफर की थी.
मां अनीता दिपके का बयान— पुलिस दिखा सकती थी नरमी
परिवार ने पुलिस के दावों को सिरे से खारिज कर दिया था. मां अनीता दिपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस को उनके बेटे के प्रति थोड़ी नरमी दिखानी चाहिए थी और उसे जाने देना चाहिए था. उन्होंने बताया कि उसे कल रात मुंबई से सीधे अपनी दादी के अंतिम संस्कार के लिए यहां आना था. अगर पुलिस ने उसे कल ही छोड़ दिया होता, तो वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता था. इतनी बड़ी और दुखद घटना को देखते हुए यदि पुलिस थोड़ी नरमी दिखाती, तो इससे परिवार को राहत मिलती.
गौरतलब है कि अपनी अनुपस्थिति के चलते अभिजीत दिपके ने इस प्रोटेस्ट की पूरी कमान अजिंक्य शिंदे को सौंप दी है.