स्टारलिंक रोले पर एलन मस्क को बीजेपी सांसद सुजीत कुमार की दो टूक, नखरेबाजी छोड़ें, भारत में नियम सबके लिए बराबर हैं|
बीजेपी सांसद सुजीत कुमार ने स्टारलिंक को लाइसेंस न मिलने पर एलन मस्क के बयानों को बचकाना और नखरेबाजी बताया, कहा कि कारोबार के लिए कानून मानना होगा।
भुवनेश्वर में बीजेपी सांसद सुजीत कुमार और उद्योगपति एलन मस्क, जिनके स्टारलिंक लाइसेंस विवाद पर सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में स्टारलिंक को लाइसेंस न मिलने को लेकर टेस्ला प्रमुख एलन मस्क द्वारा दिए जा रहे बयानों पर भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। भुवनेश्वर में दिए गए अपने बयान में सांसद ने मस्क के व्यवहार को बचकाना करार देते हुए स्पष्ट किया कि भारत में व्यापार करने के लिए देश के कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने एलन मस्क द्वारा भारत सरकार और उद्योगपति मुकेश अंबानी पर की जा रही टिप्पणियों को नखरेबाजी बताते हुए उनकी तुलना एक बच्चे के व्यवहार से की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बच्चों को खिलौने या मनचाही चीज़ न मिलने पर वे नखरे दिखाते हैं, मस्क भी इस समय वैसा ही बर्ताव कर रहे हैं। सांसद ने दो टूक कहा कि केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से कारोबार नहीं चलता और यदि एलन मस्क भारत में अपना बिजनेस करना चाहते हैं, तो उन्हें देश के स्थापित नियमों और कानूनों का पूरी तरह पालन करना ही होगा।
सैटेलाइट संचार कारोबार की संवेदनशीलता का जिक्र करते हुए सांसद सुजीत कुमार ने कहा कि यह क्षेत्र सीधे तौर पर देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें सुरक्षा एजेंसियों, निगरानी संस्थाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मंजूरी लेना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि मस्क खुद को एक सुपर बॉस की तरह पेश नहीं कर सकते और न ही यह उम्मीद कर सकते हैं कि सिर्फ उनके नाम के कारण उन्हें सुरक्षा मानकों तथा जरूरी शर्तों में कोई विशेष छूट दी जाएगी। भारत में स्पेक्ट्रम आवंटन और लाइसेंसिंग एक तय मानक प्रक्रिया के तहत होती है, जिसमें गहन सुरक्षा जांच शामिल है और यह काम जल्दबाजी में नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत सरकार हमेशा से निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण नीतियों का पालन करती आई है और सभी को प्रतिस्पर्धा का उचित अवसर प्रदान करती है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सांसद ने कहा कि देश में कानून-व्यवस्था और स्थिरता बनाए रखना तथा नागरिकों में विश्वास जगाना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने कुछ अराजक तत्वों, विपक्षी नेताओं और राजनीतिक पार्टियों की आलोचना करते हुए कहा कि वे देश, खासकर राजधानी नई दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी सरकार यह बर्दाश्त नहीं कर सकती कि सार्वजनिक या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाए, नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार हो या पुलिसकर्मियों को परेशान किया जाए। इसके साथ ही सांसद ने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई कि सोशल मीडिया पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों, विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है और उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से अनुचित है।