दिल्ली में निष्पक्ष चुनाव और SIR के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती; बंगला साहिब के बाहर से छात्र और युवा हिरासत में|
नई दिल्ली में बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास चुनाव सुधार और एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
नई दिल्ली में बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास चुनाव सुधार प्रदर्शन के दौरान छात्रों को हिरासत में ले जाती दिल्ली पुलिस।
नई दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास निष्पक्ष चुनाव (फेयर इलेक्शन) और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से आए पांच दोस्त 10 अक्टूबर की सुबह 9 बजे बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास पहुंचे थे। झंडेवालान मेट्रो स्टेशन से पैदल सफर तय कर आए एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि देश और दुनिया ने हालात देख लिए हैं, मगर वे खुश हैं कि डिबेट का कल्चर अब सड़कों पर आ गया है, सवाल पूछे जा रहे हैं और देर से ही सही जवाब भी आएंगे।
प्रदर्शन में शामिल छात्र जयेश ने कहा कि सरकार ने ट्रेनें और मेट्रो बंद कर दी हैं, जो यह दिखाता है कि सरकार डरी हुई है। इन सबके बावजूद लोग बिना डरे अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर हैं। एनबीटी की टीम जब बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास इन छात्रों से बात कर रही थी, तभी पुलिसकर्मी वहां आए और उनसे वहां होने का कारण पूछते हुए अपने साथ चलने को कहा। मुस्कुराते हुए उन लड़कों ने कहा कि जरूर चलिए, और इसके बाद कुछ ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लेकर गाड़ी में बिठा लिया।
बंगला साहिब के बाहर सुबह से शाम तक गेट के अंदर और बाहर से कई लोगों को हिरासत में लिया गया। भिवाड़ी से आए दिनेश एनबीटी से बात कर रहे थे, तभी पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर ले गए। बस की खिड़की से उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसा लोकतंत्र है जहाँ उन्हें बात तक नहीं करने दी जा रही और बोलने का हक कब छीना गया? इसी दौरान एक महिला ने नारे लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र का मतलब क्या है, उन्हें अपनी शिकायत दर्ज नहीं करने दी जा रही और उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है मानो वे आतंकवादी हों।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने दर्द से कराहते हुए बताया कि उन्हें हिरासत में लेकर डंडे से पीटा गया और फिर छोड़ दिया गया। रोहिणी से आए तीन बीबीए छात्रों का कहना था कि सरकार Gen-Z के वोट काट रही है क्योंकि वह उनसे डरती है कि अगली बार वे उन्हें नहीं जिताएंगे। वे लोग वहां निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर आए हैं और उनका कहना है कि इस तरह से पीटकर और डराकर काम नहीं चलेगा, जितना दबाया जाएगा वे उतना ही उठेंगे।
नोएडा से आई दो छात्राओं ने बताया कि वे घर पर बिना बताए रैपिडो से वहां पहुंची थीं। उनका दावा था कि पुलिस उन्हें जंतर-मंतर की ओर जाने से रोक रही थी। तिलक नगर की 12वीं की छात्रा भूमिका ने सवाल किया कि बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाओं के दौरान पुलिस इतनी सक्रिय क्यों नहीं दिखाई देती? वहीं उनकी दोस्त खुशी का कहना था कि यह पूरी कार्रवाई वोट चोरी के आरोपों पर की जा रही है।