लंदन में आयोजित AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी की बेटी की शादी समारोह के विभिन्न दृश्यों को दर्शाती हुई तस्वीरें।

लंदन में हुई एक हाई-प्रोफाइल और आलीशान शादी इन दिनों सोशल मीडिया पर भारी चर्चा और बहस का मुख्य केंद्र बनी हुई है। यह पूरा मामला एआईएमआईएम (AIMIM) के वरिष्ठ नेता और तेलंगाना के चंद्रायनगुट्टा से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी की बेटी से जुड़ा हुआ है। उनकी बेटी और पेशे से बैरिस्टर कनीज फातिमा ओवैसी का विवाह 20 अगस्त, 2026 को लंदन में डॉक्टर इब्राहिम मुर्तज़ा के साथ संपन्न हुआ है। इस भव्य विवाह समारोह में देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की उपस्थिति भी विशेष रूप से चर्चा में रही, जिन्हें स्वयं ओवैसी द्वारा इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था।

जैसे ही इस शाही शादी की तस्वीरें और वीडियो ऑनलाइन माध्यमों पर सामने आए, सोशल मीडिया पर आलोचनाओं और तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। इंटरनेट यूजर्स इस भव्य जश्न और एआईएमआईएम नेता के उन पुराने सार्वजनिक भाषणों व अपीलों के बीच तुलना कर रहे हैं, जिनमें वे अक्सर मुस्लिम समाज के लोगों को शादियों को बेहद सादा और कम खर्चीला रखने की सलाह देते नजर आते थे। आलोचकों और सोशल मीडिया यूजर्स का एक बड़ा वर्ग इस बात को लेकर मुखर है कि जिन नेताओं के उपदेश समाज के आम लोगों के लिए होते हैं, वे खुद अपने जीवन में उन नियमों या सलाहों का पालन क्यों नहीं करते।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पुराने वीडियो क्लिप्स में अकबरुद्दीन ओवैसी यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि मुसलमानों को शादियां हमेशा मस्जिदों में सादगी के साथ करनी चाहिए। अपने उन संबोधनों में उन्होंने यह सुझाव भी दिया था कि लोगों को अपने घरों में जरूरतमंदों और गरीबों को बुलाकर भोजन कराना चाहिए और अगले दिन वलीमा कर लेना चाहिए। उन्होंने शादियों में तीन-तीन दिन तक चलने वाले आयोजनों और अनावश्यक खर्चों को फिजूलखर्ची करार दिया था। उनका तर्क था कि यदि हैदराबाद का मुसलमान लंबी और खर्चीली शादियों के बजाय एक दिन का सादा समारोह अपना ले, तो सैकड़ों करोड़ रुपये बचाए जा सकते हैं। उनके अनुसार, बचाई गई इस भारी-भरकम राशि का उपयोग अनाथ बच्चों के पालन-पोषण और समाज की तालीम (शिक्षा) के लिए किया जा सकता है, जिसकी आज कौम को सबसे अधिक आवश्यकता है।

अब अपनी ही बेटी के विवाह समारोह के लंदन में आयोजित होने और उस पर कथित रूप से भारी-भरकम राशि खर्च किए जाने को लेकर वे जनता के निशाने पर आ गए हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने यह दावा किया है कि इस आलीशान शादी और इसके प्रबंधों पर लगभग 40 से 50 करोड़ रुपये तक की धनराशि खर्च की गई है। इस शाही स्वरूप को देखकर हैदराबाद के पुराने शहर और अन्य जगहों के लोग खासे नाराज नजर आ रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि जो नेता सार्वजनिक मंचों से जनता को आम जीवन में सादगी और धार्मिक परंपराओं के सख्त पालन का पाठ पढ़ाते हैं, वे अपने निजी आयोजनों में इसके विपरीत आचरण करते हैं।

इसके अलावा, इस शादी की रस्मों और पहनावे को लेकर भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न प्रकार की टिप्पणियां की जा रही हैं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने दुल्हन के लाल जोड़े और समारोह की अन्य झलकियां साझा करते हुए उस पर भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, जिसके चलते यह मामला राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बहस का एक बड़ा मुद्दा बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग राजनेताओं के दोहरे मानदंडों और उनके कथनी-करनी के अंतर पर खुलकर सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे यह पूरा प्रकरण इंटरनेट पर एक तीखी बहस का विषय बना हुआ है।