दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में मोटरसाइकिल विवाद के बाद भीड़ द्वारा पुलिसकर्मियों पर किए गए हमले और मारपीट के दौरान का दृश्य।

राजधानी दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में मोटरसाइकिल चेकिंग के दौरान एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिसकर्मियों पर भीड़ ने लाठी-डंडों और ईंटों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने पुलिसवालों की आंखों में मिर्च पाउडर भी झोंक दिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद से पुलिस महकमे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

घटना की शुरुआत तब हुई जब भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन का बीट स्टाफ, जिसमें हेड कांस्टेबल दिनेश और हेड कांस्टेबल राजेश शामिल थे, जनता विहार और मुकुंदपुर इलाके में गश्त कर रहा था। चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को बिना वैध दस्तावेजों के एक मोटरसाइकिल मिली। नियमों का पालन करते हुए पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 66 के तहत वाहन को जब्त कर लिया और थाने ले आए। इसके बाद जब पुलिसकर्मी अपनी बीट पर वापस लौटे, तो मोटरसाइकिल के मालिक और उसके परिवार के सदस्यों समेत लोगों के एक उग्र समूह ने उन्हें रास्ते में घेर लिया।

आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। भीड़ में शामिल लोगों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और उन पर ईंटों तथा डंडों से अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। अपने साथियों को बचाने पहुंचे हेड कांस्टेबल टीनू पर भी हमला किया गया, जिसमें वे घायल हो गए। इस残酷 मारपीट में हेड कांस्टेबल दिनेश के सिर में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस ने मौके से एक 17 वर्षीय किशोर को पकड़ लिया है, जबकि अन्य मुख्य आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस पूरे मामले का मुख्य फरार आरोपी सुनील उर्फ पंकज इलाके का एक कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों के पांच मामले दर्ज हैं। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और कानून का शिकंजा कसने की तैयारी में है। राजधानी में पुलिसकर्मियों पर इस तरह का हमला कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है।