अभिनंदन वर्धमान ने छोड़ी IAF, अब Fly91 में भरेंगे उड़ान; जानिए Fighter Pilot से Commercial Pilot बनने के नियम|
फरवरी 2019 की डॉगफाइट में पाकिस्तान का एफ-16 गिराने वाले अभिनंदन वर्धमान ने वायुसेना से सेवानिवृत्ति के बाद फ्लाई91 एयरलाइन ज्वाइन की है।
यूनिफॉर्म में खड़े ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान लड़ाकू विमान के पास भारतीय वायुसेना की सेवा और नियमों के संदर्भ में नजर आ रहे हैं।
Abhinandan Varthaman IAF: फरवरी 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई मुठभेड़ के दौरान चर्चा में आए भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने अब अपने करियर की नई पारी शुरू कर दी है। भारतीय वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वह रीजनल एयरलाइन **Fly91** से जुड़ गए हैं। ऐसे में एक सवाल स्वाभाविक रूप से सामने आता है कि लड़ाकू विमान उड़ाने वाला सैन्य पायलट आखिर यात्री विमान कैसे उड़ा सकता है? क्या इसके लिए अलग लाइसेंस और ट्रेनिंग की जरूरत होती है? आइए समझते हैं।
2019 में पूरी दुनिया ने देखा था अभिनंदन का साहस
27 फरवरी 2019 का दिन भारतीय वायुसेना के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रहा। एक दिन पहले 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की थी। इसके अगले दिन पाकिस्तान की ओर से भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश के बीच दोनों देशों के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई मुठभेड़ हुई।
उस समय अभिनंदन वर्धमान भारतीय वायुसेना की MiG-21 Bison यूनिट में तैनात थे। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के एक बड़े समूह की गतिविधि का पता चलने के बाद उन्हें उन्हें रोकने के लिए भेजा गया था।
हवाई मुठभेड़ के दौरान अभिनंदन के MiG-21 Bison को नुकसान पहुंचा और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। उनका पैराशूट नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी क्षेत्र में जा गिरा, जिसके बाद उन्हें पाकिस्तान ने हिरासत में ले लिया।
करीब 60 घंटे बाद 1 मार्च 2019 को अभिनंदन को भारत वापस भेज दिया गया। उनकी वापसी देश में बड़ी खबर बनी थी। बाद में उनकी बहादुरी के लिए उन्हें **वीर चक्र** से सम्मानित किया गया।
अब भारतीय वायुसेना छोड़कर Fly91 से जुड़े
कई वर्षों तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद अभिनंदन वर्धमान ने अब सैन्य करियर से विदाई ले ली है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 31 मार्च को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्ति ली और इसके बाद रीजनल एयरलाइन Fly91 से जुड़ गए।
अभिनंदन अपनी बड़ी मूंछों की वजह से भी लोगों के बीच खास पहचान बना चुके थे। 2019 में पाकिस्तान से उनकी वापसी के बाद उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे थे।
अब उनके नागरिक उड्डयन क्षेत्र में आने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या फाइटर पायलट सीधे किसी यात्री विमान की कमान संभाल सकता है?
इसका जवाब है—सैन्य पायलट के पास अनुभव जरूर होता है, लेकिन वह सीधे किसी भी कमर्शियल पैसेंजर विमान को उड़ाना शुरू नहीं कर सकता। इसके लिए नागरिक विमानन के नियमों और आवश्यक प्रशिक्षण को पूरा करना पड़ता है।
सैन्य पायलट के लिए NOC क्यों जरूरी है?
सैन्य सेवा और नागरिक विमानन दो अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। वायुसेना में प्रशिक्षित पायलट को किसी नागरिक एयरलाइन में शामिल होने से पहले अपनी सैन्य सेवा से संबंधित जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अभिनंदन ने रक्षा मंत्रालय से आवश्यक **अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC** हासिल करने के बाद ही नागरिक विमानन क्षेत्र में कदम रखा।
सैन्य पायलट की सेवा की प्रकृति, उसकी नियुक्ति और सेवा शर्तों के आधार पर अलग-अलग प्रक्रियाएं लागू हो सकती हैं। इसलिए किसी पायलट के लिए केवल वायुसेना की नौकरी छोड़ना ही पर्याप्त नहीं होता। उसे संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरी भी हासिल करनी होती है।
क्या फाइटर पायलट का लाइसेंस सीधे कमर्शियल विमान के लिए मान्य होता है?
नहीं। यही सबसे महत्वपूर्ण बात है।
एक फाइटर जेट और एक कमर्शियल पैसेंजर विमान को उड़ाने की तकनीक, ऑपरेशन, नियम और जिम्मेदारियां अलग होती हैं। सैन्य पायलट के पास अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में विमान उड़ाने का अनुभव हो सकता है, लेकिन नागरिक एयरलाइन में उड़ान भरने के लिए उसे DGCA यानी Directorate General of Civil Aviation** के नागरिक विमानन नियमों को पूरा करना पड़ता है।
सैन्य पायलट के उड़ान अनुभव और रिकॉर्ड का इस्तेमाल जरूर किया जा सकता है, लेकिन उसे नागरिक विमानन व्यवस्था में स्वीकार कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होता है।
लॉगबुक और फ्लाइंग रिकॉर्ड की होती है जांच
सैन्य पायलट के करियर में हासिल किए गए उड़ान अनुभव का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होता है। पायलट ने किस प्रकार के विमान उड़ाए, कितने घंटे उड़ान भरी और किस तरह का ऑपरेशनल अनुभव हासिल किया—इन जानकारियों का सत्यापन किया जाता है।
इसीलिए सैन्य पायलट के फ्लाइंग लॉगबुक और अनुभव को नागरिक विमानन आवश्यकताओं के अनुसार सत्यापित किया जाता है।
यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि पायलट के पिछले उड़ान अनुभव को आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड किया जा सके और यह तय किया जा सके कि वह नागरिक विमानन के किस स्तर के लिए योग्य है।
DGCA की परीक्षाएं और नियम भी जरूरी
सैन्य विमानन में प्रशिक्षित होने के बावजूद पायलट को नागरिक विमानन के नियमों की जानकारी होना जरूरी है। कमर्शियल एविएशन में एयर रेगुलेशन, मौसम विज्ञान और दूसरे नागरिक विमानन विषयों से जुड़े नियम लागू होते हैं।
इसलिए सैन्य पायलट को आवश्यकतानुसार DGCA की निर्धारित परीक्षाओं और प्रक्रियाओं को पूरा करना पड़ सकता है।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पायलट को नागरिक हवाई यातायात व्यवस्था, एयरलाइन ऑपरेशन और लागू विमानन नियमों की पूरी जानकारी हो।
Class-1 मेडिकल फिटनेस भी जरूरी
कमर्शियल पायलट के लिए मेडिकल फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण होती है। सैन्य सेवा के दौरान पायलट पहले ही कड़े मेडिकल मानकों से गुजरते हैं, लेकिन नागरिक एयरलाइन में काम करने के लिए DGCA के नियमों के मुताबिक आवश्यक मेडिकल फिटनेस भी पूरी करनी होती है।
कमर्शियल पायलटों के लिए Class-1 मेडिकल महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसके तहत पायलट की शारीरिक और मानसिक फिटनेस से जुड़े निर्धारित मानकों की जांच की जाती है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पायलट सुरक्षित तरीके से यात्री विमान का संचालन करने के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट है।
फाइटर जेट से पैसेंजर विमान तक का सफर
अभिनंदन जैसे फाइटर पायलट के लिए सबसे बड़ा बदलाव विमान के प्रकार का होता है। MiG-21 जैसे लड़ाकू विमान और एयरलाइन के यात्री विमान की उड़ान व्यवस्था काफी अलग होती है।
यदि किसी सैन्य फाइटर पायलट को एयरबस A320, बोइंग 737 या ATR जैसे विमान उड़ाने हैं, तो उसे संबंधित विमान के लिए आवश्यक **टाइप रेटिंग और सिम्युलेटर ट्रेनिंग** पूरी करनी होती है।
सिम्युलेटर ट्रेनिंग में पायलट को सामान्य उड़ान से लेकर आपात स्थिति तक अलग-अलग परिस्थितियों का अभ्यास कराया जाता है। एयरलाइन के ऑपरेशनल सिस्टम, कॉकपिट प्रक्रियाओं और संबंधित विमान के संचालन से भी परिचित कराया जाता है।
ट्रांसपोर्ट विमान उड़ाने वाले सैन्य पायलटों की स्थिति अलग हो सकती है
भारतीय वायुसेना में सभी पायलट लड़ाकू विमान नहीं उड़ाते। कुछ पायलट परिवहन और कार्गो विमान भी उड़ाते हैं।
C-17 Globemaster, C-130J Super Hercules और AN-32 जैसे परिवहन विमानों का अनुभव रखने वाले पायलटों के लिए नागरिक मल्टी-इंजन विमान की कुछ प्रक्रियाएं अपेक्षाकृत अधिक परिचित हो सकती हैं। हालांकि, उन्हें भी नागरिक विमानन के निर्धारित लाइसेंस, प्रशिक्षण और टाइप रेटिंग संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना पड़ता है।
इसलिए सैन्य उड़ान का अनुभव एक बड़ा फायदा जरूर है, लेकिन वह अपने आप में कमर्शियल एयरलाइन विमान उड़ाने का अंतिम प्रमाण नहीं है।
26 फरवरी की बालाकोट कार्रवाई के बाद बढ़ा था तनाव
अभिनंदन वर्धमान का नाम 2019 की घटनाओं से हमेशा जुड़ा रहेगा। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे।
इसके बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की थी।
भारतीय वायुसेना ने इस कार्रवाई में Mirage-2000 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया था। इसके अगले दिन पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की कोशिश हुई और भारतीय तथा पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के बीच हवाई मुठभेड़ हुई।
इसी दौरान अभिनंदन वर्धमान MiG-21 Bison लेकर पाकिस्तानी विमानों का सामना करने पहुंचे थे।
## पाकिस्तान में हिरासत और फिर भारत वापसी
27 फरवरी को विमान से इजेक्ट करने के बाद अभिनंदन पाकिस्तानी क्षेत्र में जा गिरे और वहां उन्हें पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया।
उनकी गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए कूटनीतिक प्रयास किए। आखिरकार 1 मार्च 2019 को पाकिस्तान ने उन्हें भारत को सौंप दिया।
उनकी वापसी के बाद अभिनंदन देशभर में चर्चा का केंद्र बन गए। उनकी बहादुरी के लिए भारत सरकार ने उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया।
अब नई जिम्मेदारी के साथ नई उड़ान
भारतीय वायुसेना से विदाई के बाद अभिनंदन वर्धमान का नागरिक विमानन क्षेत्र में प्रवेश उनके करियर का एक नया अध्याय है।
हालांकि फाइटर जेट उड़ाने और यात्री विमान उड़ाने के बीच काफी अंतर है, लेकिन सैन्य पायलटों का अनुभव नागरिक विमानन में एक मजबूत आधार प्रदान कर सकता है। इसके बावजूद उन्हें नागरिक विमानन के सभी लागू नियमों, लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं, मेडिकल मानकों, प्रशिक्षण और संबंधित विमान की टाइप रेटिंग जैसी आवश्यकताओं को पूरा करना होता है।
इसलिए अभिनंदन की नई उड़ान केवल एक एयरलाइन में नौकरी बदलने की कहानी नहीं है। यह यह भी दिखाती है कि सैन्य विमानन में वर्षों का अनुभव रखने वाला पायलट नागरिक उड्डयन में आने के लिए किस तरह एक अलग नियामकीय व्यवस्था से गुजरता है।
2019 में MiG-21 Bison के कॉकपिट से देशभर में पहचान बनाने वाले अभिनंदन वर्धमान अब नागरिक विमानन के कॉकपिट में एक नई भूमिका निभाने जा रहे हैं। उनकी यह नई पारी निश्चित तौर पर उनके लंबे और उल्लेखनीय विमानन करियर का एक अलग अध्याय है।