एप्पल के नए सीईओ जॉन टर्नस (बाएं) और पूर्व सीईओ व एग्जीक्यूटिव चेयरमैन टिम कुक (दाएं) की तुलनात्मक फाइल तस्वीर।

अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल (Apple) के नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहाँ लंबे समय तक कंपनी की बागडोर संभालने वाले टिम कुक की जगह अब नए सीईओ के रूप में जॉन टर्नस ने कमान संभाल ली है। पिछले 15 वर्षों तक कंपनी का सफल नेतृत्व करने वाले टिम कुक को अब एप्पल का एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही कंपनी ने अपने दोनों शीर्ष अधिकारियों के नए वेतन पैकेज का भी आधिकारिक रूप से खुलासा कर दिया है, जिसे लेकर टेक जगत में काफी चर्चा हो रही है।

दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी एप्पल द्वारा अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को सौंपी गई आधिकारिक फाइलिंग के अनुसार, नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन टर्नस को चालू वित्त वर्ष के दौरान कुल 58 मिलियन डॉलर यानी लगभग 551 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पैकेज मिलेगा। इस वित्तीय पैकेज में 3 मिलियन डॉलर की मूल सैलरी और 55 मिलियन डॉलर के सालाना इक्विटी अवॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा, जॉन टर्नस को लगभग 2.5 मिलियन डॉलर का वन-टाइम प्रो-रेटेड रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट (RSU) ग्रांट भी प्रदान किया जाएगा।

दूसरी ओर, कंपनी के नए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने टिम कुक को भी उनकी नई भूमिका में बड़ा पैकेज दिया जा रहा है। टिम कुक को कुल 47 मिलियन डॉलर यानी करीब 446 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिसमें 2 मिलियन डॉलर की सैलरी और 45 मिलियन डॉलर का इक्विटी अवॉर्ड शामिल है। यदि पिछले साल के मुकाबले तुलना की जाए, तो बतौर सीईओ टिम कुक की कमाई इससे कहीं अधिक थी। पिछले वित्त वर्ष के दौरान उन्होंने लगभग 74.3 मिलियन डॉलर यानी करीब 700 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जिसमें 3 मिलियन डॉलर बेस सैलरी, 12 मिलियन डॉलर का परफॉर्मेंस-बेस्ड कैश अवॉर्ड और 57.5 मिलियन डॉलर का बड़ा स्टॉक अवॉर्ड शामिल था। इस प्रकार, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में टिम कुक के पैकेज में कुछ कमी आई है, और नए सीईओ जॉन टर्नस को भी टिम कुक के पिछले सीईओ कार्यकाल की तुलना में कम वेतन मिल रहा है।

सफलता की इस सीढ़ी तक पहुंचे 50 वर्षीय जॉन टर्नस का एप्पल के साथ पुराना और मजबूत सफर रहा है। वह साल 2001 में कंपनी की प्रोडक्ट डिजाइन टीम से जुड़े थे। अपनी बेहतरीन कार्यशैली के दम पर साल 2013 में उन्हें हार्डवेयर इंजीनियरिंग का वाइस प्रेजिडेंट बनाया गया और फिर वर्ष 2021 में उन्हें पदोन्नत करते हुए सीनियर वाइस प्रेजिडेंट के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि कंपनी ने पहले सीनियर वीपी के तौर पर उनकी सटीक सैलरी का कभी आधिकारिक खुलासा नहीं किया था, लेकिन उद्योग के जानकारों का मानना था कि उनका पिछला पैकेज लगभग 25 मिलियन डॉलर यानी करीब 237 करोड़ रुपये के आसपास था। एप्पल के शीर्ष प्रबंधन में हुए इस बदलाव से साफ है कि कंपनी भविष्य की तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।