विश्व आदिवासी दिवस पर सवाई माधोपुर में 9 अगस्त को प्रदेश स्तरीय महाआयोजन, पीले चावल बांटकर दिया जा रहा आमंत्रण
9 अगस्त को सवाई माधोपुर में होने वाले विश्व आदिवासी दिवस के प्रदेश स्तरीय समारोह की तैयारियां तेज हैं। पीले चावल और पंपलेट बांटकर गांव-गांव लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है।
तस्वीर में सवाई माधोपुर में विश्व आदिवासी दिवस के प्रचार अभियान के दौरान हाथों में पंपलेट लिए खड़े अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारी और ग्रामीण।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को सवाई माधोपुर में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय भव्य समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद राजस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए परिषद के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर पीले चावल एवं पंपलेट वितरित कर लोगों को समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दे रहे हैं।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष कै. सी. घुमरिया के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस समारोह को लेकर जिला अध्यक्ष भवानी शंकर घुड़ासी ने बताया कि जिलेभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया जा रहा है, जहां समाज के लोगों को आदिवासी समुदाय की समस्याओं, जनजातीय अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक विकास एवं सांस्कृतिक पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।
भवानी शंकर घुड़ासी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रदेशभर से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग सवाई माधोपुर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से सामाजिक एकता, अधिकारों की रक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा समाज के सर्वांगीण विकास का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने समाज के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बनाने की अपील भी की।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। प्रचार-प्रसार समिति में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त तहसीलदार राधेश्याम मीणा, शंकरलाल पटेल (पीलोदा), रामनिवास पटेल (सूरवाल), संगठन के कोषाध्यक्ष आर.के. बड़गोट्या (सोदास), मदनलाल (रामड़ी), पृथ्वीराज मीणा (रामड़ी), कन्हैया लाल, हरफूल, रामेश्वर, मुकुट, रामनाथ, कमल, लखपत मेडिया, सुखपाल, मीठालाल, राधेश्याम तहसीलदार तथा भवानी शंकर पटेल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जनसंपर्क अभियान में जुटे हुए हैं।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन समाज की एकजुटता, अधिकारों के प्रति जागरूकता और सांस्कृतिक अस्मिता को नई मजबूती प्रदान करेगा। कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है और तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।