5 अगस्त को सवाई माधोपुर में होगा ‘कॉफी विद कलक्टर’, उत्कृष्ट संस्था प्रधानों को सम्मान के साथ मिलेगा नवाचार साझा करने का मंच

सवाई माधोपुर में 5 अगस्त को “कॉफी विद कलक्टर” कार्यक्रम होगा, जिसमें उत्कृष्ट संस्था प्रधान सम्मानित होंगे और शैक्षिक नवाचारों पर विशेष संवाद होगा।

Update: 2026-07-31 11:40 GMT

तस्वीर में (बाएं से दाएं) एक गोल मेज पर बैठे लोग चाय-कॉफी पीते हुए आपस में चर्चा कर रहे हैं। दीवार पर "कॉफी विद कलेक्टर" लिखा हुआ है। यह तस्वीर काल्पनिक है और एआई द्वारा केवल संदर्भ के लिए बनाई गई है।

सवाई माधोपुर में राजकीय विद्यालयों के शैक्षिक और भौतिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल के तहत 5 अगस्त 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में “कॉफी विद कलक्टर” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला कलक्टर काना राम के मार्गदर्शन में “भविष्य की उड़ान” पहल के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के शैक्षिक विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित संस्था प्रधानों के साथ संवाद होगा।

कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर चयनित संस्था प्रधानों के साथ विद्यालयों के भौतिक एवं शैक्षिक विकास से जुड़े विषयों पर “कॉफी पर चर्चा” करेंगे। साथ ही उत्कृष्ट कार्य एवं योगदान के लिए चयनित संस्था प्रधानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया जाएगा।

एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के लिए ऐसे राजकीय विद्यालयों के संस्था प्रधानों का चयन किया जा रहा है, जिन्होंने अपने विद्यालयों में सामूहिक जनसहयोग, भामाशाहों, सामाजिक संस्थाओं तथा गैर सरकारी संस्थाओं के सहयोग से उल्लेखनीय भौतिक विकास कार्य करवाए हों। इसके अलावा नामांकन में प्रभावी वृद्धि सुनिश्चित की हो, बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए हों तथा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हों।

कार्यक्रम अधिकारी समग्र शिक्षा हेमराज मीना ने बताया कि “कॉफी विद कलक्टर” केवल सम्मान समारोह नहीं है, बल्कि जिले के श्रेष्ठ शैक्षिक प्रयासों को साझा करने का एक प्रभावी मंच भी है। इससे विद्यालयों में किए गए नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों का आदान-प्रदान होगा तथा अन्य संस्था प्रधान भी प्रेरणा लेकर अपने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण और नवाचारी कार्य करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

उन्होंने बताया कि “भविष्य की उड़ान” पहल के माध्यम से जिले में जनसहभागिता आधारित विद्यालय विकास को नई गति मिली है। “कॉफी विद कलक्टर” जैसे कार्यक्रम उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्था प्रधानों को पहचान देने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और नवाचार की संस्कृति को भी मजबूत करेंगे। इससे जिले के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अधोसंरचना तथा सामुदायिक सहभागिता को और अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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