सवाई माधोपुर में विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर सात दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार जेमिनी ने रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव, प्राथमिक उपचार और समय पर टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी।

डॉ. जेमिनी ने बताया कि रेबीज जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर और पूरा उपचार लेने से इससे बचाव संभव है। यह वायरल संक्रमण है, जो इंसानों और जानवरों दोनों के लिए घातक हो सकता है। किसी जानवर के काटने या खरोंचने पर सबसे पहले घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी चिकित्सक या एंटी रेबीज क्लीनिक पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण का पूरा कोर्स करवाना चाहिए।

विश्व रेबीज सप्ताह के तहत जिले में 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित होंगी। इस वर्ष की थीम ‘मजबूत साथ, सुरक्षित भविष्य’ निर्धारित की गई है। इसके तहत जिले में रेबीज की रोकथाम, कुत्तों के टीकाकरण और आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।

चिकित्सा संस्थानों को अभियान के दौरान आमजन को रेबीज के लक्षण, बचाव तथा कुत्ते या अन्य संदिग्ध पशु के काटने पर तत्काल की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। आमजन को रेबीज के लक्षण, बचाव और टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी जाएगी।

अभियान के तहत संबंधित विभागों के समन्वय से घरेलू एवं आवारा कुत्तों के टीकाकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों में विद्यार्थियों को कुत्तों के काटने से बचाव, सुरक्षित व्यवहार और काटने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने के बारे में बताया जाएगा। साथ ही रेबीज के संदिग्ध मामलों की पहचान, निगरानी एवं आवश्यक नियंत्रण गतिविधियां सुनिश्चित की जाएंगी।

Tags: