सवाई माधोपुर में चुनाव से पहले धारा 163 लागू, हथियार-रैली और भड़काऊ प्रचार पर रोक
जिला मजिस्ट्रेट काना राम ने पंचायती राज चुनाव 2026 के मद्देनजर जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिससे लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे।
सवाई माधोपुर, 5 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही सवाई माधोपुर जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट काना राम ने जिले की विभिन्न पंचायत समितियों की राजस्व सीमाओं में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
यह निषेधाज्ञा सवाई माधोपुर, खण्डार, चौथ का बरवाड़ा, मलारना डूंगर, बौली, बामनवास, गंगापुर सिटी एवं वजीरपुर आदि पंचायत समितियों की राजस्व सीमाओं में तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। आदेश के तहत चुनाव अवधि में विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
निषेधाज्ञा के तहत कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का आग्नेयास्त्र, जैसे पिस्तौल या बंदूक, अथवा धारदार हथियार, जैसे तलवार, फरसा, लाठी, गुप्त और गंडासा लेकर नहीं घूम सकेगा। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबलों तथा धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने वाले सिख समुदाय के लोगों को इससे छूट रहेगी। सक्षम अधिकारी यानी संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना राजनीतिक उद्देश्य से जुलूस, सभा या रैली आयोजित करने पर भी रोक रहेगी।
आदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भड़काऊ नारों और भाषणों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। कोई भी व्यक्ति ऐसा भाषण या चुनाव सामग्री, जिसमें पम्फलेट और पोस्टर शामिल हैं, छपवाकर वितरित नहीं कर सकेगा। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब आदि सोशल मीडिया माध्यमों से किसी भी तरह का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या भ्रामक प्रचार फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक या राजकीय संपत्तियों पर नारा लेखन, पोस्टर या होर्डिंग लगाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त नियंत्रण रहेगा। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर या ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। अनुमति मिलने के बाद भी इनका उपयोग केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सूखा दिवस घोषित होने की स्थिति में मदिरा की बिक्री पर भी पूर्ण रोक रहेगी। इसके अलावा मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, गुरुद्वारे या किसी भी पूजा स्थल का इस्तेमाल चुनावी प्रचार अथवा राजनीतिक मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना या उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी नागरिकों से आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने की अपील की गई है। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 के दौरान लागू ये प्रतिबंध जिले में मतदान प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लागू किए गए हैं।