सवाई माधोपुर: मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचने के लिए जिला प्रशासन का औचक निरीक्षण अभियान

जिला कलक्टर के निर्देश पर 100 अधिकारियों ने विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्यान्न स्टॉक का सूक्ष्म परीक्षण किया।

Update: 2026-04-24 13:40 GMT

सवाई माधोपुर जिले के एक राजकीय विद्यालय में मिड-डे मील निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न भंडारण और स्वच्छता की जांच करते प्रशासनिक अधिकारी।

जिला कलक्टर काना राम के निर्देश पर शिक्षण संस्थानों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु 23 एवं 24 अप्रैल को जिलेभर में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कलक्टर के नेतृत्व में लगभग 100 जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न राजकीय विद्यालयों, मदरसों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन जांच की।

दो दिनों तक चले इस निरीक्षण अभियान में अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, पोषण स्तर, रसोईघर की स्थिति, खाद्यान्न भंडारण, उपलब्ध स्टॉक तथा अभिलेख संधारण सहित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का सूक्ष्म परीक्षण किया। निर्धारित “लोकल कुकिंग” प्रपत्र के आधार पर भोजन के स्वाद, निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार होने, विद्यार्थियों को गर्म भोजन परोसने और वितरण व्यवस्था की सघन जांच की गई।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने ग्राम पंचायत छोटी उदेई एवं महानंदपुरा डोडया क्षेत्र के विद्यालयों में मिड-डे मील का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को निर्धारित प्रपत्र में अंकित कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया तथा संबंधित कार्मिकों को आवश्यक सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. राजीव गर्ग ने भगवतगढ़, हिन्दुपुरा एवं चकेरी क्षेत्र के विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील कार्यक्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हिन्दुपुरा एवं हथडोली में विद्यार्थियों से संवाद कर भोजन की गुणवत्ता तथा पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के अंतर्गत दुग्ध वितरण की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही रसोईघर एवं भंडारण व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश जारी किए।

उल्लेखनीय है कि जिला कलक्टर ने सभी निरीक्षण अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में न्यूनतम 1 से 2 संस्थानों का अनिवार्य निरीक्षण कर निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट तैयार कर समयबद्ध रूप से संबंधित ब्लॉक एवं जिला स्तर पर प्रेषित करने के निर्देश दिए थे। अभियान के दौरान पाई गई कमियों पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिड-डे मील योजना में गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पारदर्शिता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित किया जा सके।

फोटो कैप्शन: 24 पीआरओ 1 से 3 शिक्षण संस्थानों में मिड-डे मील का निरीक्षण करते अधिकारी।

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