सवाई माधोपुर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह पर आयोजित मैराथन को हरी झंडी दिखाते अतिथि।

सवाई माधोपुर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह 2026 के अवसर पर मानसिक रोगों से जुड़े भ्रम और सामाजिक कलंक को दूर करने तथा नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए गुरुवार, 08 अक्टूबर को सुबह 6 बजे ‘वॉक फॉर मेंटल हेल्थ–मैराथन’ का आयोजन किया गया। इस दौरान चिकित्सकों, नर्सिंग विद्यार्थियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्मिकों, अधिकार मित्रों और लॉयंस क्लब के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का आयोजन गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मनोचिकित्सा विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और लॉयंस क्लब सवाई माधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसके समन्वय में डॉ. गौरव चंद्रवंशी, जिला नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सवाई माधोपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश), सवाई माधोपुर रहीं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जैमिनी और प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मैराथन को मुख्य अतिथि समीक्षा गौतम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दौड़ दशहरा मैदान, सवाई माधोपुर से शुरू होकर हाउसिंग बोर्ड रोड स्थित फतेह ट्रॉमा हॉस्पिटल पर संपन्न हुई। आयोजन में शामिल प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

मैराथन के दौरान नर्सिंग विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति से संबंधित जागरूकता संदेशों एवं नारों वाली टी-शर्ट पहनकर आमजन को सजग रहने के लिए प्रेरित किया। विभिन्न नारों और संदेशों के माध्यम से तनाव, मानसिक समस्याओं तथा मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक सहायता लेने की अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सक डॉ. गौरव चंद्रवंशी ने उपस्थित चिकित्सकों, नर्सिंग विद्यार्थियों, अधिकार मित्रों और लॉयंस क्लब के प्रतिनिधियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने, स्वयं नशे का सेवन नहीं करने और समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति अन्य लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के साथ नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया।

मुख्य अतिथि समीक्षा गौतम ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करनी चाहिए और आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवा वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जैमिनी और प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीना ने भी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक बीमारी किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं है। उचित उपचार, परामर्श और परिवार के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सकता है। उन्होंने परिवार और समाज से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभाग से डॉ. अंशुल यादव, डॉ. प्रिया चौधरी और डॉ. रवींद्र यादव उपस्थित रहे। लॉयंस क्लब की ओर से डॉ. चेतराम मीणा, डॉ. लोकेश गुप्ता, कपिल नामा, श्याम बिहारी और महेंद्र जैन ने भाग लिया। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग से मुकेश मित्तल, हेमलता और आमिर शोएब तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिकार मित्र सुनीता जोनवाल, मगनलाल मीणा, बुनियाद अली, गिर्राज रैगर और मुकेश कुमार शर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत आयोजित इस मैराथन ने मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर संवाद करने, समय पर विशेषज्ञ सहायता लेने और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।

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