सीएमएचओ कार्यालय में मनदर्पण मॉड्यूल पर प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और रेफरल सेवाओं की दी जानकारी
सवाई माधोपुर में मनदर्पण मॉड्यूल पर प्रशिक्षण हुआ, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, परीक्षा तनाव और रेफरल सेवाओं की जानकारी दी गई।
तस्वीर में सेमिनार हॉल में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में बैठे प्रतिभागी दिख रहे हैं।
। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जैमिनी के निर्देशन में सीएमएचओ कार्यालय के सेमिनार हॉल में मनदर्पण मॉड्यूल को लेकर टी.ओ.टी./ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, तनाव की पहचान और जरूरतमंद लोगों को आवश्यक रेफरल सहयोग सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़ी जानकारी दी गई।
मनोचिकित्सक एवं जिला नोडल अधिकारी (डीएमएचपी) डॉ. गौरव चंद्रवंशी ने प्रतिभागियों को मन दर्पण मॉड्यूल के उद्देश्यों, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता एवं आवश्यक रेफरल सहयोग सेवाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में सामान्य चिकित्सालय के मनोचिकित्सा विभाग में कार्यरत डॉ. गौरव चंद्रवंशी, डॉ. अंशुल यादव एवं डॉ. प्रिया चौधरी ने अलग-अलग विभागों से आए प्रशिक्षुओं को पांचों मॉड्यूल पर प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पी.जी. कॉलेज, शिक्षा विभाग, जिला विधिक सेवा विभाग, पंचायती राज विभाग और एएनएमटीसी कॉलेज से आए प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान कार्यस्थल पर तनाव की पहचान एवं तनाव प्रबंधन मॉड्यूल, छात्रों में परीक्षा का तनाव मॉड्यूल और किशोरावस्था में मानसिक स्वास्थ्य मॉड्यूल पर प्रशिक्षण दिया गया।
‘गेटकीपर एवं एग्जाम स्ट्रेस मैनेजमेंट’ मॉड्यूल के तहत चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका समझाई गई। प्रशिक्षुओं को तनावग्रस्त व्यक्ति की पहचान कर समय पर भावनात्मक सहयोग और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के बारे में बताया गया। वहीं ‘I Support My Friend’ मॉड्यूल के माध्यम से दोस्तों एवं साथियों को मानसिक तनाव के समय सहयोग देने के तरीकों की जानकारी दी गई।
सीएमएचओ डॉ. अनिल जैमिनी ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य माह 10 सितंबर से 10 अक्टूबर के दौरान जिले के चिकित्सा संस्थानों एवं शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सभी प्रशिक्षुओं द्वारा मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान अपने विभाग में निबंध प्रतियोगिता, क्विज, पोस्टर कम्पटीशन, नुक्कड़ नाटक इत्यादि गतिविधियां कराई जाएंगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों की पहचान, सहयोग और आवश्यक रेफरल सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।