गुलशन कॉलेज ऑफ नर्सिंग में विधिक जागरूकता शिविर, POCSO और साइबर अपराधों पर विद्यार्थियों को किया जागरूक
गुलशन कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आयोजित शिविर में छात्रों को पोक्सो एक्ट, बाल अधिकारों और साइबर सुरक्षा के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
सवाई माधोपुर के नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राएं विधिक जागरूकता शिविर में अधिकारियों की बातें सुनते हुए दिख रहे हैं।
सवाई माधोपुर। बच्चों के अधिकारों, यौन शोषण से सुरक्षा और बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार, 04 नवम्बर 2026 को गुलशन कॉलेज ऑफ नर्सिंग सवाई माधोपुर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों, बाल संरक्षण और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
शिविर के दौरान सचिव समीक्षा गौतम ने विद्यार्थियों से संवाद किया। विद्यार्थियों ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पोक्सो अधिनियम), साइबर अपराधों की रोकथाम, बालकों के अधिकारों, बाल संरक्षण, बालश्रम और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित विभिन्न विधिक प्रावधानों से जुड़े सवाल पूछे। समीक्षा गौतम ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनके प्रश्नों के सरल, सहज और विधिसम्मत तरीके से उत्तर दिए।
पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता एवं बृजेन्द्र विजयवर्गीय ने पोक्सो अधिनियम 2012 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों की रोकथाम, पीड़ित बालकों के संरक्षण, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा अधिनियम के तहत उपलब्ध विधिक संरक्षण और अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बच्चों के प्रति किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में सतर्क रहने और तत्काल संबंधित प्राधिकरण को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
अधिवक्ता वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं) योजना 2024 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सुलभ एवं प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा बाल हितों के संरक्षण के लिए संवेदनशील और बाल मैत्रीपूर्ण विधिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
साइबर थाने के कांस्टेबल महेश चौधरी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी लिंक और संदिग्ध कॉल के माध्यम से होने वाले अपराधों की जानकारी दी। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के उपायों और साइबर सुरक्षा से जुड़े उपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन संचार साथी, चक्षु एवं डिजीलोकर के बारे में बताया। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने तथा इंटरनेट का सुरक्षित और सतर्कतापूर्वक उपयोग करने की सलाह दी गई।
चाइल्ड हेल्पलाइन से उपस्थित सुपरवाईजर हनुमान सैनी एवं मीना कुमारी ने बालश्रम की रोकथाम, बच्चों के मौलिक एवं विधिक अधिकारों, बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संकटग्रस्त, शोषित, उपेक्षित अथवा संरक्षण एवं सहायता की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन एक महत्वपूर्ण सहायता माध्यम है। उन्होंने बालश्रम जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन और बच्चों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने में समाज की सामूहिक भूमिका पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर गुलशन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संचालक अजीजुद्दीन आजाद ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने किसी भी प्रकार के अपराध, शोषण अथवा बाल अधिकारों के उल्लंघन की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग और हेल्पलाइन के माध्यम से तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल संरक्षण कानूनों, विधिक सहायता और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के साथ आपात स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी दी गई।