ग्रामीण सेवा शिविर में 10 साल पुराना भूमि विवाद खत्म, सहमति से खाता विभाजन कर मिली बड़ी राहत

सवाई माधोपुर के रामपुरा ग्रामीण सेवा शिविर में 10 वर्षों पुराना भूमि विवाद सहमति से सुलझा। राजस्व, पंचायत और पशुपालन विभाग की सेवाओं से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।

Update: 2026-07-10 13:43 GMT

तस्वीर में सवाई माधोपुर के रामपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान एक अधिकारी मेज के पीछे खड़े होकर ग्रामीणों को आधिकारिक भूमि दस्तावेज सौंपते हुए दिख रहे हैं।

सवाई माधोपुर जिले की ग्राम पंचायत रामपुरा में राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत आयोजित शिविर वर्षों से लंबित जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आया। शिविर के दौरान राजस्व विभाग ने सह-खातेदारों को आपसी सहमति से भूमि विभाजन के लाभों की जानकारी दी, जिसके बाद ग्राम रामपुरा के खाता संख्या 5, रकबा 5.49 हेक्टेयर के 5 सह-खातेदारों ने लगभग 10 वर्षों से लंबित अपनी शामलाती भूमि के विभाजन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।

आवेदन प्राप्त होने के बाद राजस्व कार्मिकों ने मौके पर ही रिकॉर्ड एवं स्थल का परीक्षण किया। सभी सह-खातेदारों की सहमति के आधार पर खाता विभाजन की प्रक्रिया पूरी करते हुए वर्षों पुरानी भूमि संबंधी समस्या का समाधान कर दिया गया। एक ही शिविर में इस विवाद का निस्तारण होने से लाभार्थियों को बड़ी राहत मिली।

विभाजन आदेश प्राप्त करने के बाद लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से उनकी लगभग 10 वर्षों पुरानी समस्या का गांव में ही पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से समाधान हुआ है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।

शिविर के दौरान राजस्व विभाग ने 8 सहमति से खाता विभाजन तथा 59 नाम शुद्धिकरण प्रकरणों का निस्तारण किया। वहीं पंचायत राज विभाग ने स्वामित्व योजना के पट्टों का वितरण, शौचालय स्वीकृति और पेंशन सत्यापन सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराईं।

इसके साथ ही पशुपालन विभाग ने 50 पशु बीमा पॉलिसियों का वितरण कर पशुपालकों को सुरक्षा कवच प्रदान किया। ग्रामीणों ने ग्रामीण सेवा शिविर को सुशासन और जनसेवा का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसकी सराहना की तथा इसे गांव स्तर पर विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।

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