सवाई माधोपुर जेल का न्यायिक निरीक्षण, बंदियों के स्वास्थ्य और निःशुल्क कानूनी सहायता पर जोर
सवाई माधोपुर जिला कारागृह के मासिक निरीक्षण में जिला एवं सेशन न्यायाधीश अनु अग्रवाल ने बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता और न्याय तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तस्वीर में जिला एवं सेशन न्यायाधीश अनु अग्रवाल सवाई माधोपुर जिला कारागृह का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों के साथ नजर आ रही हैं।
सवाई माधोपुर, 28 अक्टूबर। जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष अनु अग्रवाल ने जिला कारागृह सवाई माधोपुर का मासिक निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और निःशुल्क विधिक सहायता की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा पात्र बंदियों को प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार किए गए निरीक्षण के दौरान कारागृह में निरुद्ध बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, भोजन की उपलब्धता, बैरकों एवं परिसर की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं का अवलोकन किया गया। अनु अग्रवाल ने कारागृह की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उपाधीक्षक बिहारीलाल से बंदियों को नियमानुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान अनु अग्रवाल ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि खराब आर्थिक स्थिति अथवा अन्य किसी कारण से अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त करने में असमर्थ पात्र व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बंदियों को उनके प्रकरणों में पैरवी, न्यायालयीन कार्यवाही और विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान करने पर जोर दिया।
अनु अग्रवाल ने ऐसे बंदियों के प्रकरणों की जानकारी भी प्राप्त की, जिन्हें निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता है। इस संबंध में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल राधेश्याम जोगी एवं अधिकार मित्र बुनियाद अली को निर्देशित किया गया कि पात्र बंदियों को नियमानुसार प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराने और उनके प्रकरणों की पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बंदी आर्थिक असमर्थता के कारण न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे।
इसके अतिरिक्त बंदियों को उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति, जमानत संबंधी प्रावधानों और उपलब्ध विधिक उपचारों के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करने पर भी बल दिया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम ने जिला कारागृह सवाई माधोपुर का साप्ताहिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल, डॉ. मनोज गर्ग सहित अन्य उपस्थित रहे।
निरीक्षण का उद्देश्य कारागृह में निरुद्ध बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, उनके साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने और न्याय तक उनकी प्रभावी पहुंच बनाए रखने के लिए व्यवस्थाओं का जायजा लेना रहा। साथ ही, बंदियों को आवश्यक सुविधाएं और विधिक सहायता नियमानुसार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की गई।