सवाई माधोपुर जिला अस्पताल के ICU का कायाकल्प, 1018 गंभीर मरीजों में से 943 को मिला उपचार
सवाई माधोपुर जिला चिकित्सालय के मुख्य आईसीयू का नवीनीकरण कर सुविधाओं में सुधार किया गया है। वर्ष 2026 में 1018 गंभीर मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 943 डिस्चार्ज किए गए। जानिए हार्ट अटैक, लकवा और सर्पदंश के मरीजों के उपचार के आंकड़े।
तस्वीर में सवाई माधोपुर जिला चिकित्सालय का नवीनीकृत मुख्य आईसीयू वार्ड दिख रहा है, जहां गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आधुनिक बेड और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सवाई माधोपुर जिला चिकित्सालय में गंभीर मरीजों के उपचार की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्य आईसीयू का नवीनीकरण करवाया गया है। बेड व्यवस्था, साफ-सफाई और उपचार संबंधी सुविधाओं में सुधार के साथ महिला मरीजों के लिए गायनी आईसीयू भी शुरू कर संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2026 में मुख्य आईसीयू में भर्ती 1018 गंभीर मरीजों में से 943 मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज हुए।
पीएमओ तेजराम मीणा के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय में चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य आईसीयू का कायाकल्प कर मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में सुधार किया गया है। वहीं, महिला मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गायनी आईसीयू भी शुरू किया गया है।
सवाई माधोपुर विधायक एवं कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा तथा जिला कलक्टर काना राम के दिशा-निर्देशों और सहयोग से चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चिकित्सालय प्रशासन उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है।
वर्ष 2026 में जिला चिकित्सालय के मुख्य आईसीयू में कुल 1018 गंभीर मरीज भर्ती हुए। इनमें से 943 मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज किए गए। चिकित्सालय प्रशासन के अनुसार, गंभीर मरीजों के उपचार में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मुख्य आईसीयू में हार्ट अटैक, हृदय रोग, लकवा और सर्पदंश सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का उपचार किया गया। आंकड़ों के अनुसार, हार्ट अटैक के 58 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 54 उपचार के बाद डिस्चार्ज किए गए। सर्पदंश के 53 मरीजों में से 52 मरीजों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि एक मरीज की मृत्यु हुई।
इसी प्रकार हृदय रोग से पीड़ित 117 मरीज मुख्य आईसीयू में भर्ती हुए, जिनमें से 111 मरीज डिस्चार्ज किए गए। लकवे के 56 मरीजों में से 51 मरीज उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए।
चिकित्सालय प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, इन चार प्रमुख श्रेणियों में कुल 284 मरीज भर्ती हुए। इनमें से 268 मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज किए गए, जबकि 16 मरीजों की मृत्यु हुई।
जिला चिकित्सालय प्रशासन का उद्देश्य सवाई माधोपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए आईसीयू की व्यवस्थाओं में सुधार, महिला मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाओं का संचालन और गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
चिकित्सालय प्रशासन के अनुसार, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और चिकित्साकर्मियों के समन्वित प्रयासों से मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जा रहा है।