सवाई माधोपुर में डिजिटल मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नेशनल हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स रजिस्ट्री (एनएचपीआर) पोर्टल पर नई तकनीकी सुविधा शुरू की है। इसके तहत अब एलोपैथी डॉक्टर मरीज की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) और उससे जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से डिजिटल मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर सकेंगे। प्रत्येक प्रमाण पत्र पर क्यूआर कोड अंकित होगा, जिससे प्रमाण पत्र के सत्यापन की प्रक्रिया आसान होगी और सरकारी व निजी अस्पतालों से जारी होने वाले फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

नई व्यवस्था के तहत डॉक्टर अपने हेल्थकेयर प्रोफेशनल आईडी या पंजीकृत मोबाइल नंबर से एनएचपीआर पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। इसके बाद मेडिकल सर्टिफिकेट का विकल्प चुनकर मरीज की आभा आईडी या मोबाइल नंबर दर्ज करेंगे। मरीज के मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से उसकी पहचान का सत्यापन किया जाएगा। ओटीपी दर्ज करते ही मरीज का पूरा व्यक्तिगत विवरण प्रमाण पत्र के फॉर्म में स्वतः दर्ज हो जाएगा।

इसके बाद डॉक्टर बीमारी का कारण, छुट्टी के दिन, प्रमाण पत्र की प्रभावी तिथि और अन्य आवश्यक टिप्पणियां दर्ज करेंगे। प्रमाण पत्र जारी करने के लिए डॉक्टर अपने आधार विवरण के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर की पुष्टि करेंगे। ई-साइन की प्रक्रिया पूरी होते ही डिजिटल मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार हो जाएगा। प्रत्येक प्रमाण पत्र पर क्यूआर कोड होने से उसके सत्यापन में भी सुविधा मिलेगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि एनएचपीआर पोर्टल पर आभा आईडी के माध्यम से डिजिटल मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी। पोर्टल पर पंजीकृत डॉक्टरों को इस प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

नई तकनीकी सुविधा के माध्यम से मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने और उनके सत्यापन की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है। इससे प्रमाण पत्रों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने और फर्जी प्रमाण पत्रों से जुड़ी समस्याओं पर नियंत्रण की दिशा में मदद मिलेगी।

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