राजस्थान: पंचायत समितियों में 19 सितंबर से 'विकसित भारत-जन सेवा अभियान' शुरू
करौली में 22 सरकारी विभागों के समन्वय से ब्लॉक स्तरीय शिविर आयोजित होंगे, जहां नामांतरण, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
तस्वीर में एक सभागार में मेजों के पास बैठकर बैठक करते लोग दिख रहे हैं।
करौली, 19 सितम्बर। राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग के निर्देशन में “विकसित भारत-जन सेवा अभियान-2026” के तहत राज्य की सभी पंचायत समितियों में ब्लॉक/पंचायत समिति स्तरीय जन सेवा शिविर 19 सितम्बर से 25 सितम्बर 2026 तक आयोजित किए जा रहे हैं। पंचायत समिति मुख्यालय पर प्रतिदिन प्रातः 09:30 बजे से सांय 06:00 बजे तक अथवा कार्य समाप्ति तक शिविर संचालित होंगे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीएम जगदीश प्रसाद गौड़ ने बताया कि पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी (BDO) शिविर प्रभारी होंगे। वे शिविर में शामिल 22 प्रमुख विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आमजन के कार्यों का पारदर्शी एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। शिविर से पहले ही रिकॉर्ड्स, आवेदन-पत्रों और निरीक्षण रिपोर्ट्स की जांच कर पूर्व तैयारी पूरी कर ली गई है, ताकि शिविर के दिन मामलों का अंतिम निस्तारण किया जा सके।
अभियान में शामिल विभागों से संबंधित शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। वहीं, गैर-शामिल विभागों के परिवादों को पृथक रजिस्टर में दर्ज कर संबंधित विभाग को समयबद्ध कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा।
अभियान के सुचारू संचालन एवं पर्यवेक्षण के लिए राज्य स्तर पर एक समन्वय प्रकोष्ठ गठित किया गया है। इसमें संयुक्त शासन सचिव, आयोजना (मो. 9413200237) को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी तथा संयुक्त निदेशक, IT (rajpr.acp@rajasthan.gov.in) को तकनीकी नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविर में निष्पादित कार्यों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। सभी स्वीकृत एवं जारी दस्तावेजों पर “विकसित भारत-जन सेवा अभियान-2026” की मोहर अंकित की जाएगी।
शिविरों के दौरान पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा IHHL व सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की स्वीकृतियां, सोख्ते गड्ढे/मैजिक पिट की सफाई व स्वीकृति, PMAY-G की द्वितीय व तृतीय किश्तों का भुगतान तथा राजीविका के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) का गठन व क्रेडिट लिंकेज की कार्यवाही की जाएगी।
राजस्व विभाग द्वारा राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण, आपसी सहमति से खातों का विभाजन, रास्ते के प्रकरणों का निस्तारण, नामांतरकरण, गैर-खातेदारी से खातेदारी अधिकार, सीमाज्ञान/पत्थरगढ़ी, जाति/मूल निवास/हैसियत प्रमाण-पत्र जारी करना एवं फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, कैंसर (ओरल, ब्रेस्ट, सर्वाइकल) व सिकल सैल Screening, बच्चों का टीकाकरण, टी.बी. मरीजों को पोषण किट वितरण एवं PM-JAY कार्ड वितरित किए जाएंगे।
ऊर्जा एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा बिजली के झूलते तारों/खंभों/ट्रांसफॉर्मर की समस्या का समाधान, पीएम-सूर्यघर योजना, हैंडपंप मरम्मत, पाइपलाइन लीकेज ठीक करने और पेयजल गुणवत्ता की जांच का कार्य किया जाएगा।
आयोजना, सामाजिक न्याय एवं महिला-बाल विकास विभाग द्वारा जन-धन खाते खोलने, PMJJBY/PMSBY/APY/जन-आधार में पंजीयन, सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स के सत्यापन, पालनहार योजना, UDID कार्ड, लाड़ो प्रोत्साहन योजना व PMMVY के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा।
इसके साथ ही कृषि, वन, शिक्षा, परिवहन, सहकारिता, सैनिक कल्याण व आयुर्वेद विभागों द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण, पौधों का वितरण, PM-किसान का भौतिक सत्यापन, नए स्कूल नामांकन, रोडवेज पास जारी करने, पूर्व सैनिकों के पेंशन प्रकरणों की सुनवाई तथा निशुल्क चिकित्सा जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
19 सितम्बर से 25 सितम्बर 2026 तक चलने वाले इन पंचायत समिति स्तरीय शिविरों में विभागीय सेवाओं और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को मौके पर केंद्रित किया गया है। दैनिक प्रगति की ऑनलाइन निगरानी और दस्तावेजों पर अभियान की मोहर के साथ प्रशासनिक स्तर पर शिविरों के कार्यों का रिकॉर्ड भी सुनिश्चित किया जाएगा।