राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की सभी जिला शाखाओं की ओर से आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शिक्षकों और शिक्षार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंथन के साथ संपन्न हुए। सम्मेलनों में संस्कारवान और चरित्रवान विद्यार्थी तैयार करने को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा की गुणवत्ता तथा शिक्षकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

जयपुर, 18 सितम्बर। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) द्वारा राज्य के सभी जिलों की जिला शाखाओं के माध्यम से अपने-अपने जिलों में दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन सम्मेलनों का समापन शिक्षकों व शिक्षार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक मंथन के साथ हुआ।

प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि सम्मेलनों में संगठन पदाधिकारियों ने शिक्षकों से संस्कारवान व चरित्रवान विद्यार्थी तैयार करने को प्राथमिकता देते हुए कार्य करने पर बल दिया। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा और महामंत्री रामदयाल मीणा ने बताया कि सम्मेलनों में संगठन पदाधिकारियों और शिक्षकों ने शिक्षा व शिक्षकों की वर्तमान स्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा विभिन्न मांगों पर बैठकर मंथन किया।

प्रदेश प्रवक्ता मुकेश कुमार मीणा के अनुसार शिक्षक संघ (सियाराम) के दो दिवसीय सम्मेलनों में तृतीय वेतन श्रंखला शिक्षकों के स्थानांतरण एवं डीपीसी करने, स्टाफिंग पैटर्न, नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखते हुए ऑनलाइन कार्य के बोझ को कम करने, टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने, यथावत लगे शिक्षकों को पदस्थापन देने और नव पदोन्नत व्याख्याताओं के स्थानांतरण करने सहित कई प्रस्ताव तैयार किए गए। इन प्रस्तावों को राज्य सरकार को भेजा जाएगा।

संगठन के मुख्य संरक्षक एवं प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने सम्मेलनों के सफल व अच्छे आयोजन के लिए सभी जिला पदाधिकारियों को बधाई दी। जिला सम्मेलनों में उठाए गए मुद्दों और पारित प्रस्तावों के माध्यम से शिक्षक संघ (सियाराम) ने शिक्षकों से जुड़े विभिन्न विषयों को राज्य सरकार के समक्ष रखने की दिशा में अगला कदम तय किया है।

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