सड़क हादसे में घायल की मदद करें, राज्य सरकार देगी 25 हजार रुपये का पुरस्कार और सम्मान
सड़क हादसे में घायल को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को राह-वीर योजना के तहत 25 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र मिलेगा। जानिए पात्रता और प्रक्रिया।
सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों की समय पर मदद करने वाले नागरिकों को अब राज्य सरकार “राह-वीर योजना” के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगी। सवाई माधोपुर में इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि एनएचएम राजस्थान के मिशन निदेशक एवं ट्रॉमा आयुक्त डॉ. जोगाराम ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि राह-वीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर यानी दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसका जीवन बचाने वाले नागरिकों को सम्मानित करना है। योजना के तहत पात्र राहवीर को 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ केवल उसी व्यक्ति को मिलेगा, जो सड़क दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को निर्धारित समय के भीतर अस्पताल पहुंचाए। गंभीर दुर्घटना की श्रेणी में प्रमुख शल्य चिकित्सा की आवश्यकता, तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना, मस्तिष्क अथवा रीढ़ की गंभीर चोट या उपचार के दौरान मृत्यु जैसे मामलों को शामिल किया गया है।
योजना के तहत जिला स्तर पर गठित मूल्यांकन समिति की अध्यक्षता जिला कलक्टर करेंगे। पुलिस एवं अस्पताल की ओर से सत्यापन के बाद प्रस्ताव समिति को भेजा जाएगा। समिति की स्वीकृति मिलने पर पुरस्कार राशि पीएफएमएस के माध्यम से सीधे पात्र व्यक्ति के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी। एक व्यक्ति को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम पांच बार सम्मानित किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। ऐसे में घायल की मदद अवश्य करें। विभाग ने कहा कि गंभीर स्थिति में गोल्डन ऑवर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान घायल को अस्पताल पहुंचाने पर समय पर उपचार संभव हो पाता है तथा उसकी जान बचाई जा सकती है। राज्य सरकार प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है ताकि राहगीर किसी डर या संकोच के बजाय आगे बढ़कर घायलों की मदद कर सकें।