NFSA: सवाई माधोपुर में गिव अप अभियान का दूसरा चरण शुरू, घर-घर सर्वे
अपात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा सूची से हटाने और वंचित पात्र परिवारों को राशन का लाभ देने के लिए शहरी वार्डों में सत्यापन शुरू।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने और पात्र वंचित परिवारों को राशन का लाभ दिलाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने गिव अप अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है। अक्टूबर 2026 से दिसम्बर 2026 तक चलने वाले इस चरण में सवाई माधोपुर जिले के चयनित शहरी वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे और भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के दौरान अपात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों को योजना से बाहर करने की कार्रवाई की जाएगी, जबकि पात्रता के बावजूद खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल नहीं हो सके परिवारों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना ने बताया कि विभाग ऐसे शहरी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है, जहां वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों की तुलना में अधिक आबादी खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रही है। सवाई माधोपुर जिले में नगर परिषद सवाई माधोपुर के एक वार्ड, नगर पालिका बौंली के तीन वार्ड और नगरपालिका वजीरपुर के एक वार्ड में विशेष सर्वे किया जाएगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जारी आदेशों के अनुसार, गिव अप अभियान के दूसरे चरण में संबंधित शहरी वार्डों में घर-घर जाकर लाभार्थियों की पात्रता का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान ऐसे व्यक्तियों और परिवारों की पहचान की जाएगी, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्धारित समावेशन एवं निष्कासन श्रेणियों में आते हैं।
सर्वे में आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों, आयकरदाताओं, सरकारी नौकरी में कार्यरत व्यक्तियों और निर्धारित पात्रता मानदंडों के दायरे से बाहर आने वाले लाभार्थियों की जांच की जाएगी। ऐसे परिवारों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना छोड़ने अर्थात गिव अप करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यदि अपात्र लाभार्थी इसके बाद भी सूची से अपना नाम नहीं हटवाते हैं, तो नियमानुसार उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और अपात्र नाम सूची से हटाए जाएंगे।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों के सर्वे कार्य के मासिक दिवस भी निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत जिला रसद अधिकारी को महीने में 8 दिवस, प्रवर्तन अधिकारी को 12 दिवस और प्रवर्तन निरीक्षक को 15 दिवस सर्वे करना होगा। संबंधित अधिकारी निर्धारित वार्डों में जाकर लाभार्थियों की पात्रता का सत्यापन करेंगे।
अभियान का उद्देश्य केवल अपात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा सूची से हटाना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र होने के बावजूद योजना से वंचित परिवारों तक भी लाभ पहुंचाना है। सर्वे के दौरान ऐसे पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम वर्तमान में खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल नहीं है। इन परिवारों के आवेदन निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरवाए जाएंगे, ताकि उन्हें योजना से जोड़कर नियमानुसार राशन का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।
विभाग की इस पहल के तहत चयनित शहरी वार्डों में पात्रता की जांच, अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने और वंचित पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया एक साथ संचालित की जाएगी। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।