राजस्थान पुलिस R4C की एडवाइजरी, सरकारी ई-मेल का निजी ऐप में इस्तेमाल न करें
साइबर शाखा ने डार्क वेब पर सरकारी ई-मेल डेटा लीक होने के खतरे को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।
सवाई माधोपुर, 14 अक्टूबर। सरकारी ई-मेल आईडी और पासवर्ड की सुरक्षा में लापरवाही विभागीय गोपनीय सूचनाओं और महत्वपूर्ण डिजिटल संसाधनों को खतरे में डाल सकती है। इसी जोखिम को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर शाखा R4C ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी कर सरकारी ई-मेल आईडी का इस्तेमाल केवल आधिकारिक कार्यों तक सीमित रखने और पासवर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार जारी इस एडवाइजरी में सरकारी ई-मेल आईडी के अनधिकृत उपयोग और साइबर अपराधियों द्वारा लॉगिन विवरण चोरी किए जाने की आशंका को लेकर सतर्क किया गया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा सरकारी ई-मेल आईडी और पासवर्ड चोरी कर उनका दुरुपयोग किए जाने का खतरा बना रहता है। सुरक्षा संचालन केंद्र (SOC) को डार्क वेब पर सरकारी ई-मेल के लॉगिन विवरण बिकने और लीक होने के मामले सामने आए हैं।
एडीजी श्री सिंह ने बताया कि सरकारी ई-मेल आईडी का उपयोग केवल आधिकारिक पत्राचार के लिए ही नहीं, बल्कि राजस्थान एसएसओ और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं के लिए भी किया जाता है। ऐसे में ई-मेल आईडी और पासवर्ड लीक होने से विभागीय सूचनाओं, गोपनीय दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल संसाधनों तक अनधिकृत पहुंच का जोखिम पैदा हो सकता है।
एक ही पासवर्ड से सरकारी सिस्टम की सुरक्षा पर खतरा
कई कर्मचारी सरकारी ई-मेल आईडी का इस्तेमाल अमेजन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो, फेसबुक, कैब बुकिंग और गेमिंग ऐप्स जैसी निजी सेवाओं पर अकाउंट बनाने के लिए करते हैं। यदि इन प्लेटफॉर्म पर सरकारी ई-मेल के समान पासवर्ड रखा जाता है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म का डेटा लीक होने की स्थिति में सरकारी खाते की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
चोरी किए गए ई-मेल और पासवर्ड के जरिए साइबर अपराधी सरकारी खातों में अनधिकृत प्रवेश का प्रयास कर सकते हैं। इससे SSO, SecLAN और RajSWAN जैसे सरकारी डिजिटल संसाधनों तथा उनमें उपलब्ध संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है।
लॉगिन अलर्ट, OTP और ई-मेल गतिविधियों पर रखें नजर
राजस्थान पुलिस ने सरकारी ई-मेल खातों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी है। बिना अनुरोध किए लॉगिन अलर्ट या ओटीपी प्राप्त होना, ई-मेल के ‘Sent’ फोल्डर में ऐसे संदेश मिलना जिन्हें स्वयं नहीं भेजा गया हो, सरकारी ई-मेल खाते से अपने आप लॉगआउट हो जाना या पासवर्ड बदल जाना संभावित खतरे के संकेत हो सकते हैं।
इसी तरह, ऐसे ई-मेल का ‘Read’ दिखाई देना जिन्हें स्वयं खोला ही न गया हो या सहकर्मियों की आधिकारिक ई-मेल आईडी से असामान्य अथवा संदिग्ध संदेश प्राप्त होना भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सरकारी ई-मेल की सुरक्षा के लिए तुरंत करें ये उपाय
यदि सरकारी ई-मेल आईडी का इस्तेमाल किसी शॉपिंग या सोशल मीडिया ऐप पर किया गया है, तो संबंधित ऐप की प्रोफाइल में जाकर सरकारी ई-मेल आईडी हटाएं और उसकी जगह अपनी व्यक्तिगत ई-मेल आईडी दर्ज करें। इसके साथ ही किसी सुरक्षित डिवाइस से सरकारी ई-मेल का पासवर्ड तुरंत बदलें तथा haveibeenpwned.com पर ई-मेल के संभावित डेटा लीक की जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अपने IT Helpdesk या सुरक्षा संचालन केंद्र (SOC) को दें।
पुलिस ने सरकारी ई-मेल का उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों के लिए करने, निजी पंजीकरण और सब्सक्रिप्शन के लिए व्यक्तिगत ई-मेल आईडी इस्तेमाल करने तथा सरकारी ई-मेल के लिए 12–14 अक्षरों का मजबूत और अलग पासवर्ड रखने की सलाह दी है। आधिकारिक ई-मेल और एसएसओ खाते पर एमएफए/टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्षम रखने तथा संदिग्ध गतिविधि या संभावित डेटा लीक की सूचना तुरंत संबंधित IT Helpdesk को देने पर भी जोर दिया गया है।
निजी ऐप्स पर सरकारी ई-मेल और पासवर्ड के इस्तेमाल से बचें
एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि शॉपिंग, गेमिंग, डेटिंग, कैब बुकिंग या लोन ऐप्स पर सरकारी ई-मेल आईडी से अकाउंट नहीं बनाना चाहिए। सरकारी ई-मेल वाला पासवर्ड किसी दूसरे खाते पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और निजी खातों की रिकवरी के लिए भी सरकारी ई-मेल आईडी का उपयोग नहीं करना चाहिए।
इसके अलावा, सरकारी फाइलें या ई-मेल निजी ई-मेल अथवा व्यक्तिगत गूगल ड्राइव पर फॉरवर्ड करने से बचने, पासवर्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा अनधिकृत थर्ड-पार्टी ऐप्स को सरकारी खाते का एक्सेस नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।
साइबर सुरक्षा में चूक होने पर इन नंबरों पर करें संपर्क
यदि सरकारी ई-मेल खाते के दुरुपयोग या साइबर धोखाधड़ी की आशंका हो, तो तत्काल संबंधित IT Helpdesk/SOC को सूचित करना चाहिए। किसी भी प्रकार की साइबर सुरक्षा में चूक या ठगी की घटना होने पर निकटतम पुलिस थाना, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
त्वरित सहायता के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। राजस्थान पुलिस की इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य सरकारी ई-मेल खातों के अनधिकृत उपयोग को रोकना और विभागीय सूचनाओं तथा संवेदनशील डिजिटल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।