सवाई माधोपुर जिले के खण्डार क्षेत्र में संयुक्त जांच दल द्वारा पेट्रोल पंप पर ईंधन की मात्रा, स्टॉक और दस्तावेजों का औचक निरीक्षण किया गया।

सवाई माधोपुर में पेट्रोल पम्पों पर ईंधन की निर्धारित मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित करने और नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए प्रशासन ने खण्डार क्षेत्र के चार पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण किया। बाट एवं माप प्रवर्तन अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई इस कार्रवाई में पेट्रोल-डीजल की डिलीवरी, माप उपकरणों की वैधता, ईंधन के स्टॉक और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।

सवाई माधोपुर, 14 अक्टूबर। जिले में पेट्रोल पम्पों पर उपभोक्ताओं को सही मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराने और निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संयुक्त जांच दल ने खण्डार क्षेत्र में आकस्मिक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई जिले के विधिक माप विज्ञान अधिकारी, जिला रसद अधिकारी और प्रवर्तन निरीक्षक ने संयुक्त रूप से की।

निरीक्षण के दौरान खण्डार स्थित पदमा देवी किसान सेवा केन्द्र और मैसर्स गुरुकृपा सर्विस सेन्टर के साथ बालेर क्षेत्र स्थित त्रिवेणी फिलिंग स्टेशन तथा मैसर्स मातेश्वरी किसान सेवा केन्द्र की जांच की गई।

जांच दल ने सभी चारों पेट्रोल पम्पों पर मुद्रांकित पांच लीटर के मापयंत्र की सहायता से पेट्रोल एवं डीजल की डिलीवरी की मात्रा परखी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में ही ईंधन मिले। इसके साथ ही पेट्रोल पम्पों के दैनिक बिक्री रजिस्टर और विधिक माप विज्ञान विभाग से प्रमाणित कैलिब्रेशन एवं सत्यापन रिपोर्ट की जांच की गई। हाइड्रोमीटर और थर्मामीटर की सत्यापन रिपोर्ट सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों का भी परीक्षण किया गया।

टीम ने टैंक की डिप रीडिंग के माध्यम से पेट्रोल पम्पों में उपलब्ध ईंधन के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। इसके अतिरिक्त विस्फोटक लाइसेंस, आवश्यक अनुमतियों और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई, ताकि नियमों के अनुरूप संचालन की स्थिति का सत्यापन किया जा सके।

जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना ने बताया कि जिले में पेट्रोल पम्पों के निरीक्षण की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ईंधन की निर्धारित मात्रा में आपूर्ति, माप उपकरणों की वैधता और संबंधित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान पेट्रोल पम्प संचालकों को उच्चतम न्यायालय एवं अन्य संबंधित न्यायालयों के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग, राजस्थान, जयपुर तथा अतिरिक्त खाद्य आयुक्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संचालकों को विशेष रूप से अवैध खनन गतिविधियों में शामिल वाहनों को ईंधन की आपूर्ति नहीं करने और किसी भी प्रकार की अनधिकृत ईंधन आपूर्ति से बचने के लिए निर्देशित किया गया।

प्रशासन की इस कार्रवाई में ईंधन की मात्रा से लेकर स्टॉक, माप उपकरणों और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों तक की जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल पम्पों की निगरानी जारी रहेगी, ताकि निर्धारित मात्रा में ईंधन की आपूर्ति और संबंधित नियमों की पालना सुनिश्चित की जा सके।

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