मित्रपुरा से 52 यात्री 29 दिवसीय तीन धाम तीर्थ यात्रा पर रवाना, 12 ज्योतिर्लिंगों के होंगे दर्शन
मित्रपुरा से 52 यात्रियों का 29 दिवसीय तीन धाम तीर्थ यात्रा जत्था रवाना हुआ। यात्रा में 12 ज्योतिर्लिंगों समेत देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन होंगे और 9 अक्टूबर को जयपुर में यात्रा का समापन होगा।
तस्वीर में मित्रपुरा के मंदिर परिसर के बाहर 29 दिवसीय तीर्थ यात्रा के लिए रवाना होते हुए 52 यात्रियों का जत्था नजर आ रहा है।
मित्रपुरा से 52 यात्रियों का जत्था गुरुवार को 29 दिवसीय तीन धाम तीर्थ यात्रा के लिए रवाना हुआ। यात्रा के दौरान देश के प्रमुख धार्मिक और तीर्थ स्थलों के साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराए जाएंगे। जयपुर से शुरू होने वाली इस यात्रा का समापन 9 अक्टूबर को जयपुर रेलवे स्टेशन पर होगा।
गुरुवार सुबह सभी यात्री श्री सीताराम जी मंदिर पहुंचे। यहां से रवाना होकर यात्रियों ने बालाजी मंदिर, श्री वीर तेजाजी मंदिर, शिवजी मंदिर, रामद्वारा और श्री गणेश धाम पहुंचकर ढोक लगाई। इसके बाद श्रीराम तपोभूमि योगाश्रम में संत श्री रामचंद्र जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। सभी यात्री मित्रपुरा बस स्टैंड से बस द्वारा जयपुर के लिए रवाना हुए। इसके बाद जयपुर-किशनगढ़/कोटा रेल मार्ग से यात्रा आगे बढ़ेगी और देश के प्रमुख धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार 11 सितंबर को ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के साथ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन होंगे। 12 सितंबर को उज्जैन में क्षिप्रा स्नान, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, हरसिद्धि माता, बड़ा गणेश एवं संतोषी माता मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। 13 सितंबर को सोमनाथ में त्रिवेणी संगम स्नान, परशुराम गमन, कामनाथ महादेव, बालका तीर्थ एवं सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन होंगे।
14 सितंबर को द्वारिकाधीश धाम के दर्शन का कार्यक्रम है। इसके बाद 16 सितंबर को भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, 17 सितंबर को त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, गोदावरी स्नान व शिरडी साईं बाबा और 18 सितंबर को घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग एवं शनि शिंगणापुर के दर्शन कराए जाएंगे। 19 सितंबर को परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन होंगे।
इसके बाद यात्रा दक्षिण भारत की ओर बढ़ेगी। 21 सितंबर को तिरुपति बालाजी, 23 सितंबर को कन्याकुमारी और 24 सितंबर को रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ समुद्र स्नान तथा रामकुंड-सिताकुंड-लक्ष्मण कुंड के दर्शन होंगे। 25 सितंबर को मदुरै के मीनाक्षी देवी मंदिर और 26 सितंबर को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे।
यात्रा इसके बाद जगन्नाथपुरी, गंगासागर और कोलकाता पहुंचेगी। 28 सितंबर को जगन्नाथपुरी धाम, 29 सितंबर को गंगासागर एवं कपिल मुनि मंदिर तथा 30 सितंबर को काली देवी मंदिर और विक्टोरिया मेमोरियल का भ्रमण होगा।
1 से 3 अक्टूबर तक नेपाल के काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर एवं अर्ध ज्योतिर्लिंग के दर्शन होंगे। इसके बाद 4 अक्टूबर को गया, 5 अक्टूबर को वाराणसी, 6 अक्टूबर को प्रयागराज, 7 अक्टूबर को अयोध्या और 8 अक्टूबर को हरिद्वार में विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन एवं पवित्र नदियों में स्नान का कार्यक्रम निर्धारित है।
29 दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में 9 अक्टूबर को जयपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रा की पूर्णाहुति होगी। इस दौरान 52 यात्रियों का जत्था देश के विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करते हुए निर्धारित यात्रा कार्यक्रम पूरा करेगा।