अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के उत्थान और उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए प्रोफेसर (डॉ.) मधुमुकुल चतुर्वेदी को इंटरनेशनल टीचर एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

शिक्षा के उत्थान और उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए प्रोफेसर (डॉ.) मधुमुकुल चतुर्वेदी को इंटरनेशनल टीचर एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी एवं गिरधारी लाल घासी राम सिहाग विद्यापीठ की ओर से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

संस्था के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार ऋषि वर्मा तथा प्रधान संपादक डॉ. नरेश कुमार सिहाग एडवोकेट ने प्रो. डॉ. मधुमुकुल चतुर्वेदी को इंटरनेशनल टीचर एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के उत्थान हेतु किए गए कार्यों एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए दिया गया।

प्रो. डॉ. मधुमुकुल चतुर्वेदी की अब तक 15 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके निर्देशन में 17 शोधार्थियों ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वे लगभग 150 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में प्रतिभागिता एवं पत्र वाचन कर चुके हैं।

साहित्य जगत में भी प्रो. चतुर्वेदी का योगदान बहुआयामी रहा है। उन्होंने अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं का संपादन किया है। उनकी 150 से अधिक कहानियां एवं आलेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सेवाओं को देखते हुए भारत के विभिन्न प्रांतों द्वारा उन्हें अब तक 130 बार सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में भी वे अनेक सामाजिक क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय हैं। शिक्षा, शोध, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता उनके अब तक के कार्यों और उपलब्धियों को रेखांकित करती है।

Tags: