तस्वीर में महिला अधिकारी बीजलपुर नर्सरी में पौधे को पानी दे रही हैं।

पर्यावरण संरक्षण और जिले में हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को बीजलपुर गांव के पास स्थित बीजलपुर नर्सरी में 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रभारी सचिव एवं पर्यटन विभाग की सचिव शुचि त्यागी ने बरगद का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जिला प्रभारी सचिव शुचि त्यागी ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए। साथ ही आमजन की भागीदारी सुनिश्चित कर पर्यावरण संरक्षण के ध्येय को साकार किया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण की विरासत प्रदान की जा सके। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 22 वनकर्मियों एवं वन्यजीव संरक्षकों को सम्मानित किया गया।

वन महोत्सव के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मां यशोदा के नाम पर बड़, कदम्ब, कल्पवृक्ष और बिल्वपत्र सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम में जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक से अधिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी पर्यावरण के प्रति जुड़ाव एवं संवेदनशीलता महसूस करेगी। उन्होंने जिले को हरा-भरा बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की बात कही।

जिला कलक्टर ने आमजन से भी अधिकाधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

इस अवसर पर वन विभाग के उपवन संरक्षक ओमप्रकाश जांगिड ने जिले में अब तक लगाए गए पौधों और विभाग की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह मीना, वन संरक्षक एवं वन विभाग के जिला प्रभारी हरि किशन सारस्वत, उपवन संरक्षक संजीव शर्मा, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र मीना सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने 500 से अधिक पौधों का रोपण किया। वन महोत्सव के माध्यम से पौधारोपण के साथ वन विभाग के कार्मिकों के उत्कृष्ट कार्य को भी सम्मानित किया गया।

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