रक्षाबंधन महापर्व पर गायत्री नगर में अकम्पाचार्यादि 700 महामुनियों की पूजा
जयपुर के गायत्री नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में रक्षाबंधन महापर्व पर अकम्पाचार्यादि 700 महामुनियों की पूजा हुई। 700 अर्घ्य चढ़ाए गए और महामुनिराज विष्णु कुमार से जुड़ी परंपरा की जानकारी दी गई।
तस्वीर में जयपुर के महारानी फार्म स्थित दिगंबर जैन मंदिर में रक्षाबंधन पर्व पर पूजा-अर्चना करते हुए श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।
जयपुर। दिगंबर जैन मंदिर महारानी फार्म, गायत्री नगर जयपुर में गुरुवार 27 अगस्त को रक्षाबंधन महापर्व के अवसर पर अकम्पाचार्यादि 700 महामुनियों की पूजा धूमधाम से की गई। मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में सुबह 8 बजे से आयोजित कार्यक्रम में देवाधिदेव 1008 श्री श्रेयांसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक, परम पूज्य आचार्य अकम्पाचार्य एवं परम पूज्य आचार्य श्री विष्णु कुमार महामुनिराज के वात्सल्य तथा श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस के तहत धार्मिक आयोजन हुए।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि इस अवसर पर श्रेयांसनाथ भगवान, अकम्पाचार्यादि 700 मुनियों और वात्सल्य महामुनिराज विष्णु कुमार जी की पूजा की गई। सोधर्म इंद्र बनकर संजय नीलम ठोलिया, आयुषी सोनी परिवार, कुबेर इंद्र आलोक-प्रमिला, अरुण-ज्योति शाह परिवार एवं द्रव्य पुण्यार्जक सुनील लता सोगनी परिवार के साथ सभी उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने पूजा-अर्चना की।
पूजा के बाद मंडल पर 700 अर्घ्य चढ़ाए गए। इसके साथ सभी उपस्थित इंद्र-इंद्राणियों ने भी अर्घ्य अर्पित किए। कार्यक्रम की सभी मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य पं. अजीत शास्त्री ने संपन्न कराईं।
विधानाचार्य पं. अजीत शास्त्री ने रक्षाबंधन महापर्व के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह महापर्व हस्तिनापुर में अकम्पनाचार्य आदि 700 मुनियों पर हुए घोर उपसर्ग और उनकी रक्षा से जुड़ा है। तत्कालीन नवें महा पद्म चक्रवर्ती के समय में मंत्रियों ने पद्म राजा से छलपूर्वक सात दिन का राज्य मांगा था। इसके बाद 700 मुनियों पर घोर उपसर्ग किया गया, जिनकी रक्षा वात्सल्य महामुनिराज विष्णु कुमार ने की। तभी से यह महापर्व रक्षाबंधन के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि इसी महापर्व को श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस के रूप में मनाने की प्रेरणा परम पूज्य निर्यापक मुनि सुधा सागर जी महाराज ने दी।
समस्त कार्यक्रम का संचालन मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने किया। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को भगवान श्रेयांसनाथ जी के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर सामूहिक निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 6:15 बजे अभिषेक और शांतिधारा के पश्चात आयोजित होगा।