राजस्थान के गंगापुर सिटी में नगर निकाय चुनाव को लेकर सवर्ण समाज की राजनीतिक गतिविधियां तेजी से तेज हो गई हैं। शनिवार शाम को आयोजित सवर्ण समाज समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी नगर निकाय चुनाव में सभी राजनीतिक दलों का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा और केवल निर्दलीय प्रत्याशियों को ही समर्थन दिया जाएगा। वेद प्रकाश मंगल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में राजपूत समाज, वैश्य-खंडेलवाल समाज और महू ब्राह्मण समाज की समितियों ने एक मत होकर राजनीतिक दलों के विरोध का यह बड़ा कदम उठाया है और संबंधित समितियों ने अपने निर्णय की लिखित प्रति औपचारिक रूप से सवर्ण समाज समिति को सौंप दी है।

समिति के पदाधिकारियों एवं प्रवक्ताओं ने केंद्र सरकार तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के रवैये पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार एवं राजनीतिक दलों द्वारा यूजीसी एक्ट को रद्द न करने, ईडब्ल्यूएस वर्ग को राजनीति में आरक्षण नहीं देने तथा वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक संशोधन न किए जाने को लेकर पूरे समाज में भारी नाराजगी व्याप्त है। वक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सवर्ण समाज के विद्यार्थियों और बच्चों के भविष्य से जुड़े इन अत्यंत संवेदनशील व महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है और वे मौन बने हुए हैं। इसी उदासीनता और उपेक्षा के विरोधस्वरूप नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों को सबक सिखाने के लिए उनका पूर्ण बहिष्कार करने तथा निर्दलीय प्रत्याशियों का खुलकर समर्थन करने का यह सख्त कदम उठाया गया है।

बैठक में समिति के प्रमुख पदाधिकारियों एवं प्रवक्ताओं गोविंद प्रसाद वरनाला, घनश्याम शास्त्री, महेश पाल सिंह जादौन, राजेश शर्मा, हेमेंद्र बौहरा तथा चंद्रमोहन पाराशर ने संयुक्त रूप से रणनीति की घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी 1 सितंबर तक सवर्ण समाज की सभी घटक समितियों से राजनीतिक दलों के विरोध एवं बहिष्कार के इस निर्णय की कड़ाई से पालना सुनिश्चित कराई जाएगी। इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिदिन शाम 7 बजे सवर्ण समाज समिति कार्यालय पर समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों और उनके समर्थकों व सहयोगियों के विचारों एवं सुझावों को आमंत्रित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में सवर्ण समाज समिति के दर्जनों सक्रिय कार्यकर्ता और वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आंदोलन को एकजुट होकर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।