जलभराव से बेहाल दुब्बी बिदरखा की चालिसा की ढाणी, ग्रामीणों का पैदल चलना दुभर
निकासी व्यवस्था न होने से रास्ते में गंदा पानी जमा, ग्रामीणों ने पक्की सड़क और नाली निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई।
दुब्बी बिदरखा गांव के रास्ते पर भरा पानी और फैली कीचड़
दुब्बी बिदरखा क्षेत्र के चालिसा की ढाणी में हाल ही में हुई बारिश के बाद जलभराव की समस्या ने अत्यंत गंभीर रूप धारण कर लिया है। ढाणी के चारों तरफ पानी भर जाने और इसकी निकासी के लिए कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय ग्रामीण बीते कई दिनों से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। वर्तमान में रास्तों पर कीचड़ और गंदा पानी जमा हो जाने से लोगों के लिए पैदल निकलना भी बेहद कठिन हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व सरपंच श्रीलाल मीणा और रामदयाल मीणा के घरों के सामने से ढाणी के निवासियों के आवागमन का मुख्य रास्ता गुजरता है। इस मुख्य मार्ग पर पानी और कीचड़ का भराव हो जाने की वजह से आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह तक नहीं बची है, जिसके चलते ग्रामीणों को रोजाना मजबूरी में इसी कीचड़ और बदबूदार गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इस जलभराव की स्थिति से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सर्वाधिक कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विकट समस्या कई दिनों से लगातार बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर पानी की निकासी के लिए अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिवक्ता मंजू कुमारी मीणा ने सवाल उठाया कि आखिर ग्रामीण कब तक इस प्रकार की परेशानी झेलते रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता को समझने की अपील करते हुए मांग की कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाया जाए और जल निकासी हेतु स्थायी नाली निर्माण की दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन तथा संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि सड़क निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ कर जल निकासी का उचित प्रबंध किया जाए, ताकि हर बारिश में उत्पन्न होने वाली इस जलभराव की समस्या से उन्हें स्थायी निजात मिल सके।