तस्वीर में दिख रहे कलाकार पंडाल में बैठे ग्रामीणों के समक्ष सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत करते हुए।

बौंली, बामनवास। ग्राम पंचायत दड़ौली में भादवा की पहली दशमी को तेजाजी महाराज का दो दिवसीय मेला शुरू हो गया। मेले में दूर-दूर से ग्रामीण यात्रियों का हुजूम उमड़ पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में तेजाजी महाराज और मेलों का विशेष महत्व माना जाता है, जिसमें सभी जातियों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

ग्रामीणों के अनुसार तेजाजी महाराज का आशीर्वाद प्रत्येक मानव एवं सभी प्राणियों को जहरीले कीटों से बचाता है। इसी आस्था के चलते दड़ौली में आयोजित मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। मेले की तैयारियां करीब 15 दिन पहले से ही शुरू कर दी जाती हैं।

वीरेंद्र शर्मा, वार्ड पंच विष्णु शर्मा, महेश मीणा, सुनील, देवराज व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि तेजाजी की बिंदोरी गांव देवली, गोलपुर, भीपुरा, मालियान ढाणी, बंजारा ढाणी और थडौली में निकाली जाती है। इस दौरान अनेक धार्मिक आयोजन, भक्ति संगीत संध्या, घोड़ी दौड़, पैदल दौड़ और ऊंट दौड़ जैसे कार्यक्रम होते हैं।

मेले में अनेकों प्रकार की दुकानें सजती हैं। महिलाएं और बच्चे घरेलू व अन्य आवश्यक सामान की खरीदारी करते हैं और चार-पकौड़ी का आनंद उठाते हैं। भादवा की पहली दशमी पर शुरू हुआ यह दो दिवसीय मेला ग्रामीणों की आस्था, धार्मिक आयोजनों और पारंपरिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

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