भारत को जानो प्रतियोगिता में हिण्डौन सिटी के 14 स्कूलों में 1150 से अधिक बच्चों ने लिया हिस्सा
हिण्डौन सिटी के 14 राजकीय एवं निजी विद्यालयों में 31 अगस्त को भारत को जानो प्रतियोगिता आयोजित हुई। जूनियर और सीनियर वर्ग के 1150 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जबकि देशभर में करीब 5 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़े।
तस्वीर में हिण्डौन सिटी के एक विद्यालय परिसर में जमीन पर बैठकर परीक्षा देते हुए छात्र-छात्राएं नजर आ रहे हैं।
भारत विकास परिषद् शाखा हिण्डौन सिटी की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली अखिल भारतीय भारत को जानो प्रतियोगिता का प्रथम चरण सोमवार, 31 अगस्त को हिण्डौन सिटी के 14 राजकीय एवं निजी विद्यालयों में एक साथ आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12 तक के 1150 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर भारत की संस्कृति, धर्म, शिक्षा, संस्कार और इतिहास से जुड़ी जानकारी पर अपनी समझ परखी।
शाखा अध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता और सचिव योगेश गुप्ता ने बताया कि परिषद् के राजस्थान पूर्व प्रांत की शाखाओं में 80,000 विद्यार्थियों ने तथा समूचे रीजनल क्षेत्र के सभी प्रांतों की 226 शाखाओं के लगभग 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया। परिषद् द्वारा भारत को जानो पुस्तक के माध्यम से प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों का भारत की संस्कृति, धर्म, शिक्षा, संस्कार, इतिहास एवं अन्य विभिन्न जानकारियों से ज्ञानवर्धन करना तथा उन्हें राष्ट्रीयता से जोड़ने का प्रयास करना है।
शाखा संस्कार गतिविधि संयोजक हुकम सिंह गुर्जर एवं शाखा प्रकल्प प्रभारी दिनदयाल गुप्ता ने बताया कि प्रथम चरण में विद्यालय स्तर पर आयोजित परीक्षा में कक्षा 6 से 8 तक के जूनियर वर्ग के 750 विद्यार्थियों तथा कक्षा 9 से 12 तक के सीनियर वर्ग के 400 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। शाखा के सभी सदस्यों एवं मातृशक्ति के सामूहिक सहयोग से परीक्षा का सफल आयोजन किया गया।
प्रांतीय संस्कार गतिविधि सदस्य पंकज जैन ने बताया कि अखिल भारतीय भारत को जानो प्रतियोगिता विद्यालय स्तर पर प्रथम चरण के बाद शाखा स्तर पर प्रश्न मंच, प्रांतीय स्तर, क्षेत्रीय स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है। विद्यालय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक सफल प्रतियोगी प्रतिभागियों को सभी स्तरों पर प्रशस्ति पत्र इत्यादि देकर परिषद् द्वारा सम्मानित किया जाता है। इस प्रकार प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत की संस्कृति, इतिहास, संस्कार और विविध ज्ञान से जोड़ने की प्रक्रिया विभिन्न स्तरों पर आगे बढ़ती है।