सलूम्बर: भगवान चारभुजा मंदिर से निकली पोथी यात्रा, श्रीमद् भागवत कथा शुरू
माहेश्वरी समाज के पंचायती भवन में आयोजित कथा का 8 अक्टूबर को समापन होगा, कामबन के लोकेन्द्राचार्य महाराज कर रहे हैं कथा वाचन।
तस्वीर में सलूम्बर की सड़क पर सिर पर पोथी धारण किए श्रद्धालु और शोभायात्रा में शामिल लोग दिख रहे हैं।
सलूम्बर। शहर में शुक्रवार को भगवान चारभुजा मंदिर से निकली पौथी यात्रा के साथ माहेश्वरी समाज के पंचायती भवन में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। श्री आदिवृंदावन धाम कामबन के लोकेन्द्राचार्य महाराज के मुखारविंद से कथा का रसपान कराया जा रहा है। कथा का समापन 8 अक्टूबर को होगा।
कथा शुभारंभ से पहले भगवान चारभुजा मंदिर से भव्य पौथी यात्रा निकाली गई। यात्रा में यजमान पुष्पा सेवक एवं नवीन सेवक के परिजन श्रद्धाभाव के साथ सिर पर पौथी धारण कर शामिल हुए। भक्तों के चेहरे पर आस्था और उत्साह नजर आया। कथा व्यास लोकेन्द्राचार्य महाराज बग्गी में तथा पं. लक्ष्मीनारायण आमेटा विराजमान होकर यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान महाराज की बग्गी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
पौथी यात्रा भगवान चारभुजा मंदिर से रवाना होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई माहेश्वरी समाज पंचायती भवन पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने धार्मिक भाव से यात्रा का स्वागत किया। पौथी के पंचायती भवन पहुंचने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।
कथा के प्रथम दिन लोकेन्द्राचार्य महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। कथा के श्रवण से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति को धर्म, भक्ति, संस्कार एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
महाराज ने कथा के महत्व को विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से समझाया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए और आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
आयोजन को लेकर माहेश्वरी समाज एवं सेवक परिवार की ओर से तैयारियां की गई हैं। आगामी दिनों में श्रीमद् भागवत कथा में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वाचन किया जाएगा। 8 अक्टूबर को कथा के समापन अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन होगा।