जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर, ट्रोमा सेंटर और सोनोग्राफी पर निर्देश
सलूंबर में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विशेषज्ञ चिकित्सकों, मानव संसाधन, ट्रोमा सेंटर, सोनोग्राफी मशीन, रक्तदान, 108 एम्बुलेंस और चिकित्सा संस्थानों की मॉनिटरिंग को लेकर जिला कलक्टर ने अधिकारियों को अहम निर्देश दिए।
तस्वीर में सलूंबर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान अधिकारी एक बड़ी कॉन्फ्रेंस टेबल पर चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं।
सलूंबर। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा संस्थानों में मानव संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, उपकरणों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रथम रैफरल यूनिट (एफआरयू) झाड़ोल के संबंध में चर्चा हुई। भवन निर्माणाधीन होने के कारण जिला कलक्टर ने वहां वर्तमान में कार्यरत स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ एवं निश्चेतक की सेवाओं का यथोचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला चिकित्सालय सलूंबर सहित अन्य संबंधित चिकित्सा संस्थानों में आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ चिकित्सकों का पदस्थापन और सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा।
सीएमएचओ ने जिले में ट्रोमा सेंटर की आवश्यकता से जिला कलक्टर को अवगत कराया। इस पर उन्होंने ट्रोमा सेंटर के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, विशेषकर परसाद एवं पलौदड़ा जैसे स्थानों को ध्यान में रखते हुए ट्रोमा सेंटर की आवश्यकता और स्थान के संबंध में प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
जिला कलक्टर ने सभी बीसीएमओ, पीएमओ एवं चिकित्सा अधिकारियों को राजहेल्थ पोर्टल पर संबंधित संस्थानों की आवश्यक जानकारी दो दिवस में अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानव संसाधन की अद्यतन स्थिति की सूचना भी उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उपलब्ध उपकरणों एवं सेवाओं के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में चिकित्सा संस्थानों से संबंधित नकारात्मक समाचारों एवं घटनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित क्षेत्र के संस्थान प्रभारी एवं जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रठौड़ा में हाल में हुई घटना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रकरण में चिकित्सा, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों की भूमिका की समीक्षा कर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लसाड़िया के कालीभीत में हुई मातृ मृत्यु के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिला कलक्टर ने बताया कि क्डथ्ज् के तहत जिले को दो सोनोग्राफी मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने दोनों मशीनों को सीएचसी लसाड़िया एवं सेटेलाइट अस्पताल चावंड में स्थापित कर शीघ्र संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिल सके।
सभी बीसीएमओ को ब्लॉक स्तर पर नियमित रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आमजन में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
सभी संस्थान प्रभारियों को अपने-अपने चिकित्सा संस्थानों में कैमरे एवं बायोमेट्रिक मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संस्थानों की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं निरीक्षण करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला कलक्टर ने 108 एम्बुलेंस सेवा की जानकारी ग्रामीण समुदाय तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर एम्बुलेंस सेवा प्राप्त हो सके, इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा का व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है।
सभी एएनएम को आवश्यक दक्षता प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। जिला कलक्टर ने सभी संस्थान प्रभारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, कार्मिकों की उपस्थिति, उपकरणों की उपलब्धता और आमजन को मिल रही सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. महेंद्र कुमार परमार, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.डी. मीना, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंकित जैन, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र लोहार, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र पुरी गोस्वामी, विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि डॉ. आशुतोष, बीसीएमओ डॉ. संपत मीना, डॉ. सुरेश मंडावरा, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान, डॉ. मनीष पाठक सहित सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, भारतीय प्रबंधन संस्थान उदयपुर से कुमारिल अग्रवाल, खंड कार्यक्रम अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।