तस्वीर में दिख रही जगह पर सलूम्बर रिंग रोड निर्माण के दौरान मौजूद लोग।   

सलूम्बर। शहर की बहुप्रतीक्षित सैरींग तालाब रिंग रोड आखिरकार शुक्रवार को जमीन पर उतर गई। पंचमुखी हनुमान मंदिर से गौशाला तक करीब 700 मीटर सड़क निर्माण और डामरीकरण का काम शुरू हो गया। करीब 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाली इस सड़क के लिए आधुनिक मशीनों ने कंटीली झाड़ियों की सफाई शुरू की तो रिंग रोड का इंतजार कर रहे शहरवासियों के बीच हलचल बढ़ गई। इसी के साथ यह सवाल भी सामने आया कि कहीं सड़क तालाब के पेटे में तो नहीं बनाई जा रही।

भाजपा नगर महामंत्री नरेंद्र सुथार ने मोबाइल के माध्यम से मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पंचमुखी हनुमान मंदिर से गौशाला तक सड़क के डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। मौके पर भाजपा पदाधिकारी और पार्षद भी मौजूद रहे।

रिंग रोड का काम शुरू होते ही पर्यावरण प्रेमियों ने सैरींग तालाब की भराव क्षमता और वर्ष 2014 के न्यायालय के आदेश को लेकर सवाल उठाए। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि उन्हें सड़क निर्माण से कोई विरोध नहीं है, लेकिन सड़क ऐसी जगह बनाई जाए, जिससे सैरींग तालाब की भराव क्षमता प्रभावित न हो।

उनका कहना है कि वर्ष 2014 में न्यायालय ने तालाब की भराव क्षमता बाधित करने वाले सड़क निर्माण पर रोक लगाई थी। ऐसे में सरकार सड़क बनाए, लेकिन न्यायालय के आदेशों की पालना भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

मामला उस समय और चर्चा में आ गया, जब सड़क निर्माण की कार्यकारी एजेंसी सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता राजेश मीणा से न्यायालय के आदेशों को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने आदेशों की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई और बताया कि आचार संहिता लगने वाली है, इसलिए सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाया गया है।

अब सवाल यह भी उठ रहा है कि नगर परिषद क्षेत्र में आचार संहिता का सड़क निर्माण से क्या संबंध है। इसको लेकर भी शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

अधिशाषी अभियंता राजेश मीणा ने कहा कि न्यायालय के आदेशों की जानकारी ली जाएगी तथा राजस्व विभाग, तहसीलदार और पटवारी से रिपोर्ट भी ली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाब के पेटे में सड़क नहीं बनाई जाएगी।

उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी रिंग रोड निर्माण की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए इसे नगर परिषद से संबंधित बताया। नगर परिषद आयुक्त अभिषेक शर्मा ने भी मामले में अनभिज्ञता जताई। यानी सड़क निर्माण स्थल पर मशीनें पहुंच गईं, झाड़ियां हटने लगीं और 50 लाख रुपए का काम शुरू हो गया, लेकिन संबंधित विभागों के बीच निर्माण को लेकर जानकारी स्पष्ट नहीं है।

अब सवाल केवल यह नहीं है कि सड़क कितनी जल्दी बनेगी, बल्कि यह भी है कि सड़क बनने के बाद सैरींग तालाब की भराव क्षमता कितनी प्रभावित होगी और वर्ष 2014 के न्यायालय आदेश की पालना किस तरह सुनिश्चित की जाएगी। आने वाले दिनों में राजस्व विभाग की रिपोर्ट और प्रशासन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद इस मामले की तस्वीर साफ होगी।

इस दौरान पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं पार्षद कैलाश गांधी, भाजपा जिला मंत्री करण सिंह पंवार, मंडल अध्यक्ष विजेश भलवाड़ा, पार्षद जहीर खां, जयप्रकाश मेघवाल, अंसार अहमद, शांतिलाल भोई, पूर्व महामंत्री पुष्पेंद्र सोनी, संजय चाष्टा, मगन सुथार, धनपाल जैन, गिरीश पटेल, अमृत प्रजापत, दुष्यंत भट्ट, मयक भट्ट सहित भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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