सलूम्बर छात्रावास में पुलिस का सुरक्षा जागरूकता अभियान, छात्राओं को बताए कानून और अधिकार

सलूम्बर के राजकीय काली बाई आवासीय बालिका छात्रावास में आयोजित महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा कानून, साइबर सुरक्षा, कॉप सिटीजन ऐप और उनके अधिकारों की महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम में संवाद के जरिए कई शंकाओं का समाधान भी किया गया।

Update: 2026-08-04 07:07 GMT

तस्वीर में सलूम्बर के राजकीय बालिका छात्रावास में महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में मौजूद छात्राएं नजर आ रही हैं।

सलूम्बर जिला मुख्यालय के ईसरवास रोड स्थित राजकीय काली बाई आवासीय बालिका छात्रावास में सोमवार को पुलिस विभाग की ओर से महिला सुरक्षा संकल्प के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को पुलिस प्रणाली, महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों, साइबर सुरक्षा और उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर छात्राओं का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वंदिता राणा, पुलिस अधीक्षक, सतर्कता विभाग रहीं। विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, इंटेलिजेंस विभाग शालिनी सक्सेना रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विसनाराम विश्नोई ने की।

मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए महत्वपूर्ण कानूनों की सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से पॉक्सो एक्ट और घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को विस्तार से समझाया। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए कॉप सिटीजन ऐप के उपयोग और उसकी कार्यप्रणाली की भी विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान एसपी वंदिता राणा ने छात्राओं से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने गुड टच और बैड टच के बीच का अंतर समझाते हुए कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति या असुरक्षा का अहसास होने पर डरने के बजाय तुरंत आवाज उठानी चाहिए।

उन्होंने वर्तमान डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और किसी भी प्रकार के अपराध की स्थिति में पुलिस से सहायता प्राप्त करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने कहा, “सुरक्षा की पहली सीढ़ी जागरूकता है। कानून महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा ढाल बनकर खड़ा है। किसी भी तरह के अपराध या असहज स्थिति में चुप रहने के बजाय तुरंत पुलिस या अपनों से मदद लें।”

कार्यक्रम के अंत में जिला पुलिस अधीक्षक विसनाराम विश्नोई ने छात्राओं को निडर होकर अपनी पढ़ाई जारी रखने और समाज में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान छात्रावास की बालिकाओं ने पुलिस अधिकारियों से संवाद कर अपनी विभिन्न शंकाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम के समापन पर छात्रावास की छात्राओं में अपनी सुरक्षा और अधिकारों को लेकर नया आत्मविश्वास देखने को मिला।

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