सलूंबर में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त हुई प्रमुख शासन सचिव, लापरवाही पर चेतावनी और गुणवत्ता सुधार के निर्देश

सलूंबर में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर सख्त चेतावनी दी। एएनसी रिकॉर्ड, गुणवत्ता सुधार, चिकित्सकों की उपलब्धता, मेडिकल बोर्ड, जिला अस्पताल निरीक्षण और निर्माण कार्य को लेकर दिए गए अहम निर्देशों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रशासन का फोकस स्पष्ट किया।

Update: 2026-08-04 07:09 GMT

तस्वीर में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ और जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. अधिकारियों के साथ सलूंबर में निर्माणाधीन नए जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं।

सलूंबर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कार्मिकों को पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

सोमवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख शासन सचिव ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा संस्थागत व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी., अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सपेला, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. नरोत्तम शर्मा, परियोजना अधिकारी मातृत्व स्वास्थ्य सेवा डॉ. तरुण चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने गंभीर एनीमिया की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला के एएनसी रिकॉर्ड का गंभीरता से परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि ममता कार्ड में दर्ज आंकड़ों का अनिवार्य रूप से क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाए तथा रिपोर्टिंग पूरी तरह तथ्यात्मक और पारदर्शी हो। एएनसी पंजीयन में कमी पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को नियमित रूप से अपने अधीनस्थ एएनएम के साथ सेक्टर बैठकें आयोजित करने तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार संबंधी गतिविधियों को गति देने पर भी जोर दिया।

समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने जिले में चिकित्सकों एवं चिकित्सा कार्मिकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने की आवश्यकता भी बताई। इस पर प्रमुख शासन सचिव ने प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की ड्यूटी, उपलब्धता, दिवस एवं समय का स्पष्ट विवरण सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को बेहतर सुविधा मिल सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार ने बैठक में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, जननी सुरक्षा योजना और लाड़ो प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

प्रमुख शासन सचिव ने दिव्यांगजन, मानसिक रोग एवं अन्य प्रकरणों के लिए गठित मेडिकल बोर्ड की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा उनकी तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा ने ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन की आवश्यकता के साथ इंसुलिन की उपलब्धता का विषय प्रमुख शासन सचिव के समक्ष रखा। इस पर उन्होंने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चौबीसों घंटे आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के बाद प्रमुख शासन सचिव ने निर्माणाधीन नए जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य एवं डक्टिंग में पाई गई कमियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसी को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं के विकास, मोर्चरी में रैंप निर्माण सहित सभी अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख शासन सचिव और जिला कलक्टर ने अस्पताल परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

इसके बाद प्रमुख शासन सचिव ने पुराने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर प्रसव सखी केंद्र, इमरजेंसी, वार्ड और प्रसव कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नए जिला अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाकर उसे शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए।

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