सलूंबर में पीएचसी बेड़ावल और उप स्वास्थ्य केंद्र मोरिला का निरीक्षण, मानसून में स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिकारियों की कड़ी नजर

मानसून के बीच सलूंबर में पीएचसी बेड़ावल और उप स्वास्थ्य केंद्र मोरिला का निरीक्षण कर अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं, रिकॉर्ड और तैयारियों की समीक्षा की।

Update: 2026-08-01 07:31 GMT

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जिले में मानसून के दौरान मौसमी बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से चिकित्सा विभाग सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जिला चिकित्सा विभाग की टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बेड़ावल एवं उप स्वास्थ्य केंद्र मोरिला का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, अभिलेख संधारण और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ओपीडी रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर, दवा वितरण रजिस्टर सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं तथा प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने कहा कि मानसून के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सभी चिकित्सा संस्थानों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करते हुए बुखार अथवा अन्य संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की तत्काल जांच कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर उपचार प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि चिकित्सा विभाग मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी कर रहा है तथा आमजन के सहयोग और जागरूकता से ही डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए अधिकारियों ने मौसमी बीमारियों के लक्षणों और बचाव के उपायों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, उल्टी-दस्त, खांसी-जुकाम अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने, भोजन को ढककर रखने, हाथों की नियमित सफाई करने, घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने तथा पूरे बाजू के कपड़े पहनने की सलाह दी। अधिकारियों ने कहा कि इन सावधानियों को अपनाकर मौसमी बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की यह सतत निगरानी मानसून के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने और मौसमी बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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