सलूंबर में श्रद्धा-उल्लास से मनी गुरु पूर्णिमा, गायत्री महायज्ञ और भंडारे में उमड़े हजारों श्रद्धालु
सलूंबर में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। गायत्री शक्तिपीठ में नवकुंडी गायत्री महायज्ञ, दाता महाराज धुणी पर अभिषेक और साबला हरि मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
तस्वीर में सलूंबर के एक मंदिर परिसर में गद्दी पर विराजे संत और पृष्ठभूमि में दर्शन के लिए आती हुईं एक महिला श्रद्धालु दिखाई दे रही हैं।
सलूंबर। जिला मुख्यालय सहित पूरे क्षेत्र में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक स्थलों, मंदिरों और आश्रमों में विशेष पूजा-अर्चना, यज्ञ एवं गुरु वंदना के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां शिष्यों ने अपने गुरुओं के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरु परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
उदयपुर रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में भव्य नवकुंडी गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। शक्तिपीठ प्रमुख सुनील सुथार ने बताया कि संगीतमय वातावरण में आयोजित इस यज्ञ में सैकड़ों क्षेत्रवासियों ने विश्व शांति, जनकल्याण और सुख-समृद्धि की कामना के साथ आहुतियां दीं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सद्गुरु की संगीतमय वंदना की। यज्ञ के बाद गुरु पर्व के महत्व और प्रासंगिकता को लेकर विशेष विचार गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें गुरु-शिष्य परंपरा के मूल्यों पर प्रकाश डाला गया।
इसी क्रम में बांसवाड़ा रोड स्थित सुप्रसिद्ध दाता महाराज की धुणी पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दाता महाराज की समाधि पर स्थित लिंग स्वरूप भगवान आशुतोष का दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल सहित विभिन्न पवित्र द्रव्यों से विशेष अभिषेक और पूजन किया गया। भगवान शिव और गुरु महाराज के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। महाआरती के बाद विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही क्षेत्र के सभी आश्रमों और मंदिरों में विशेष चहल-पहल रही। शिष्यों ने अपने-अपने गुरुओं का पूजन कर वस्त्र, फल और मिठाई अर्पित की तथा जीवन में सही मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके साथ ही विभिन्न संत आश्रमों और प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
विशेष रूप से कृष्णा अवतारी संत मावजी महाराज की जन्मस्थली साबला कस्बे के हरि मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। साबला स्थित हरि मंदिर में गादीपति महंत अच्युतानंद महाराज गुरु गादी पर विराजित हुए और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने धाम स्थित मंदिरों में दर्शन किए।
शहर के अन्य स्थानों पर भी गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रम आयोजित हुए। रामबोला मठ में भक्तों ने महंत का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महंत अच्युतानंद महाराज ने भक्तों को धर्म के मार्ग पर चलते हुए मानव जीवन के कल्याण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन की पहली गुरु मां होती है, जिसमें लक्ष्मी, सरस्वती और महाकाली तीनों देवियों के स्वरूप का समावेश होता है।