बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सलूंबर में बालिकाओं को डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा का दिया प्रशिक्षण
सलूंबर के खेराड़ विद्यालय में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिकाओं को डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव और हेल्पलाइन 1930 की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
तस्वीर में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेराड़ के एक कमरे में यूनिफॉर्म पहने छात्राएं जमीन पर बैठी दिख रही हैं, जबकि पीछे खड़े अधिकारी और कर्मचारी महिला अधिकारिता विभाग का बैनर पकड़े नजर आ रहे हैं।
महिला अधिकारिता विभाग द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खेराड़ में बालिकाओं एवं किशोरियों के लिए डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक बनाना तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने, ओटीपी एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा डिजिटल माध्यमों पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देकर आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन-181, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र सहित विभागीय योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। बालिकाओं को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग की ब्लॉक सुपरवाइजर ने बालिकाओं को डिजिटल युग में सुरक्षित, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। वहीं वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर ने महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध सहायता सेवाओं तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के साथ साइबर सुरक्षा विषय पर संवाद आयोजित किया गया। इस दौरान उन्हें स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता के प्रति प्रेरित करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बालिकाओं को सुरक्षित डिजिटल वातावरण के लिए तैयार करने पर विशेष बल दिया गया।