नगरीय निकाय चुनाव-2026: सलूम्बर में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक
सलूम्बर में नगरीय निकाय चुनाव-2026 के दौरान रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक, अनुमति के बिना उपयोग पर होगी कार्रवाई।
तस्वीर में सलूम्बर में प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्य मेज के आसपास अधिकारियों और प्रतिनिधियों को चर्चा करते देखा जा सकता है।
सलूम्बर में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान चुनाव प्रचार में लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मुहम्मद जुनैद ने नगर परिषद क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के संबंध में आदेश जारी करते हुए रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक इनके उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 की घोषणा के साथ ही जिले में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रतिबंधात्मक एवं नियामकीय आदेश जारी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला मजिस्ट्रेट ने चुनाव प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि नगरीय निकाय चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं सहयोगियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए चुनाव सभाओं और मंचों के साथ-साथ ट्रक, बस, कार, टैक्सी, वैन, तिपहिया वाहन, साइकिल रिक्शा सहित विभिन्न वाहनों पर भी लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है। अत्यधिक एवं अनियंत्रित ध्वनि से आमजन की शांति प्रभावित होने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई, वयोवृद्धों तथा बीमार व्यक्तियों को भी असुविधा होती है।
आदेश के अनुसार रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर अथवा ध्वनि प्रसारक एवं विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध वाहनों पर लगाए गए लाउडस्पीकर सहित सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर लागू होगा।
निर्धारित अवधि में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति होने पर भी ध्वनि विस्तारक यंत्रों को अत्यधिक तेज आवाज में नहीं चलाया जा सकेगा। निर्धारित मानकों एवं नियमों की पालना करना अनिवार्य होगा।
किसी सार्वजनिक सभा अथवा जुलूस में स्थिर लाउडस्पीकर का उपयोग करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी, सलूम्बर से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाने की स्थिति में अनुमति के लिए प्रस्तुत आवेदन में वाहन का पंजीयन क्रमांक, वाहन का प्रकार तथा संबंधित अभ्यर्थी अथवा राजनीतिक दल का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा। सक्षम अधिकारी द्वारा जारी अनुमति में भी इन विवरणों का उल्लेख किया जाएगा।
चुनाव प्रचार में उपयोग किए जाने वाले लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों से संबंधित खर्च का संधारण निर्धारित रजिस्टर में किया जाना होगा। संबंधित व्यय को अभ्यर्थी के चुनाव खर्च में दर्शाना भी अनिवार्य होगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि के बाहर अथवा सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना किसी लाउडस्पीकर का उपयोग पाए जाने पर पुलिस संबंधित लाउडस्पीकर, उससे जुड़े उपकरणों एवं संबंधित वाहन को जब्त कर सकेगी। इसके साथ ही उपयोगकर्ता के विरुद्ध राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह आदेश माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के संबंध में दिए गए निर्देशों तथा राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 एवं संबंधित नियमों के प्रावधानों की पालना में जारी किया गया है।
यह आदेश 21 अगस्त 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू होकर नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा। चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर तय समय और अनुमति संबंधी नियमों की पालना सुनिश्चित करना अब अनिवार्य होगा।