सलूंबर में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं और बालिकाओं को डिजिटल ठगी से बचाव की दी जानकारी
सलूंबर के सल्लाड़ा में महिलाओं और बालिकाओं को साइबर ठगी, फर्जी ऑफर और ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचाव के उपाय बताए गए।
तस्वीर में महिलाएं और बालिकाएं ग्राम सल्लाड़ा में आयोजित जागरूकता बैठक में उपस्थित दिखाई दे रही हैं।
महिलाओं और बालिकाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सल्लाड़ा, ब्लॉक जयसमंद में पन्नाधाय सुरक्षा सम्मान केंद्र की ओर से साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक मोतीलाल मीणा के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार तथा साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत सल्लाड़ा की ग्राम साथिन द्वारा जाजम बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पन्नाधाय सुरक्षा सम्मान केंद्र की टीम ने उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को साइबर सुरक्षा के महत्व और आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के विभिन्न उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
बैठक में महिलाओं एवं बालिकाओं को अनजान और असुरक्षित लिंक पर क्लिक नहीं करने, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सतर्कता एवं सुरक्षित तरीके से उपयोग करने तथा फर्जी जॉब ऑफर, फेक इन्वेस्टमेंट स्कीम और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी साइबर ठगी से सावधान रहने की जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती है। साइबर ठग लोगों को डराकर और दबाव बनाकर ठगी करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं। ऐसे किसी भी कॉल या संदेश पर घबराने के बजाय तत्काल सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई।
महिलाओं एवं बालिकाओं को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके साथ ही पन्नाधाय सुरक्षा सम्मान केंद्र एवं वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध विभिन्न लोक कल्याणकारी सेवाओं एवं योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में हीना, ग्राम साथिन भाग्यवंती, जयसमंद ब्लॉक सुपरवाइजर सुंदर सहित ग्रामीण महिलाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना रहा।