आमेट के आंचलिक उच्च प्राथमिक विद्यालय में सरदार पटेल जयंती पर दी श्रद्धांजलि, छात्रों ने किया नमन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश की 562 रियासतों को एकजुट करने में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
आमेट विद्यालय के छात्र और शिक्षक सरदार पटेल जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बैठे नजर आ रहे हैं।
राजसमंद जिले के आमेट नगर स्थित आंचलिक उच्च प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के स्टाफ और बालक-बालिकाओं ने सरदार पटेल को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन तथा राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
नगर के मारू दरवाजा अंदर स्थित आंचलिक उच्च प्राथमिक विद्यालय आमेट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उनका जीवन जीवटता, बुद्धिमत्ता, कठोर अनुशासन और व्यावहारिक कुशलता का परिचायक रहा।
कार्यक्रम में बताया गया कि सरदार पटेल ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में देश को आजाद कराने के लिए अग्रणी भूमिका निभाई। आजादी के बाद करीब 562 रियासतों में खंड-खंड बंटे भारत के भू-भाग को एकता के सूत्र में पिरोने का उन्होंने अभूतपूर्व कार्य किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती कृष्णा सुथार सहित सागर बागवान, श्रीमती लक्ष्मी लोहार, श्रीमती मुराद बानु, प्रेरणा कंवर, श्रीमती कांता खटीक, श्रीमती उम्मीशा दायमा, श्रीमती बसंती मेवाड़ा और श्रीमती चंदा मेवाड़ा सहित अन्य उपस्थित रहे।