आमेट रेलवे स्टेशन अंडरपास खोलने की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अंडरपास बंद होने से हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित, नगरवासियों ने रास्ता सीधे तिराहे से जोड़ने की मांग को लेकर अधिकारियों को भेजा ज्ञापन।
आमेट नगर के लोग एसडीएम कार्यालय में अधिकारी को मांग पत्र सौंपते हुए दिख रहे हैं।
आमेट नगर में चारभुजा रोड रेलवे स्टेशन के अंडरपास का रास्ता सीधा खोलकर सामने स्थित तिराहे से जोड़ने की मांग को लेकर नगरवासियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। नगरवासियों का कहना है कि अंडरपास के एक छोर को सरियों से बंद कर रखा गया है और वहां पक्की दीवार बनाने की बात कही जा रही है, जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। उन्होंने अंडरपास का रास्ता खुला रखने और उसे सीधे तिराहे से मिलाने की मांग की है।
नगर के हरिश चन्द्र महात्मा, पार्षद दुग्रेश पालीवाल, विनोद रेगर, पुष्पा देवी, दिनेश लक्षकार, प्रदीप सिंह राठौड़, विनोद सेठ, प्रताप सिंह मेहता, राजेश पालीवाल, गेहरीलाल, घीसुलाल सुथार, मुलचंद, विनोद देवासी, हेमराज जीनगर, सुरेन्द्र सिंह, दलपत सिंह और सत्यनारायण देवपुरा सहित बड़ी संख्या में नगरवासियों ने ज्ञापन में बताया कि आमेट रेलवे स्टेशन पर पैदल यात्रियों और राहगीरों के आवागमन के लिए अंडरपास बनाया गया है। इसका एक छोर आमेट नगर की ओर है, जबकि दूसरा छोर चारभुजा और देवगढ़ रोड की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित आबादी की तरफ है। इस मार्ग को सरिये लगाकर बंद कर रखा गया है और वहां पक्की दीवार बनाने की बात कही जा रही है।
नगरवासियों ने बताया कि जब यह रेलवे लाइन निकली थी, तब आमेट रेलवे स्टेशन से नगर की आबादी करीब एक किलोमीटर दूर शुरू होती थी। उस समय चारभुजा की ओर जाने वाले लोगों को चारभुजा रोड स्टेशन पर ही उतरना पड़ता था, जहां से सड़क मार्ग के जरिए चारभुजा जी पहुंचा जा सकता था। हालांकि, वर्तमान में स्थिति बदल चुकी है और चारभुजा जाने वाले मार्ग पर अब नगरपालिका आमेट के कुल 25 वार्डों में से 5 वार्डों की आबादी मौजूद है।
अंडरपास के ठीक सामने एक तिराहा स्थित है। यहां से एक सड़क श्मशानघाट की ओर जाती है, जो आमेट नगर की आधी आबादी का श्मशानघाट है। इसके अलावा, आगे जाने वाली एक अन्य सड़क गादरोला और फलासिया जैसे गांवों की आबादी को जोड़ती है। इसी मार्ग पर एक मस्जिद भी स्थित है। ऐसे में अंडरपास से प्रतिदिन 2000 से 3000 लोगों का आना-जाना बना रहता है। नगरवासियों का कहना है कि अंडरपास को सीधे तिराहे से जोड़ने पर चौराहे का निर्माण होगा, जिससे आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और अनजान यात्रियों को रास्ता तलाशने में भटकना नहीं पड़ेगा।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि चारभुजा जी जाने वाली सड़क देवगढ़ तक जाती है और यह स्टेट हाईवे एचएस-56 है, जो देवगढ़ होते हुए एनएच-8 से मिलता है। इसी एचएस-56 मार्ग पर आमेट नगर का प्रसिद्ध चारभुजा रोड रेलवे स्टेशन भी स्थित है। यह मार्ग आमेट नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग के नेटवर्क से जोड़ता है।
नगरवासियों के अनुसार, इसी मार्ग पर नगर का राजकीय महाविद्यालय, जलदाय विभाग, फोरेस्ट, बिजली और माइनिंग सहित अनेक विभागों के कार्यालय स्थित हैं। नगर की आधी आबादी पूरब से पश्चिम और पश्चिम से पूरब की ओर पैदल आवागमन के लिए इस मार्ग का उपयोग करती है। ऐसे में अंडरपास का पैदल मार्ग के रूप में विशेष महत्व है।
नगरवासियों ने ज्ञापन के माध्यम से अंडरपास का रास्ता खुला रखने और उसे आगे स्थित तिराहे से जोड़ने की मांग की है। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतियां मंडल रेलवे प्रबंधक अजमेर, महाप्रबंधक जयपुर, जिला कलेक्टर राजसमंद, केंद्रीय रेल मंत्री नई दिल्ली, सांसद और विधायक को भी प्रेषित की गई हैं। अब इस मांग के तहत अंडरपास के मार्ग को खुला रखने और तिराहे से जोड़ने का मुद्दा संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा गया है।