आमेट। निजी विद्यालय संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक लाल सिंह झाला ने प्रमुख शासन सचिव, स्कूल शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग, जयपुर को ज्ञापन भेजकर आरटीई के लंबित पुनर्भरण भुगतान और निजी विद्यालयों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए छह दिवस की अंतिम चेतावनी दी है। समिति ने स्पष्ट किया है कि 21 सितंबर 2026 तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर 22 सितंबर 2026 से प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन एवं शांतिपूर्ण सामूहिक विरोध कार्यक्रम शुरू किया जाएगा तथा प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।

प्रदेश संयोजक लाल सिंह झाला ने अपने अंतिम एवं अति आवश्यक ज्ञापन में बताया कि 08 अगस्त 2026 को शासन एवं निजी विद्यालय प्रतिनिधियों के मध्य हुई वार्ता में आरटीई के समस्त लंबित पुनर्भरण भुगतान को अगस्त 2026 तक जारी करने सहित निजी विद्यालयों की अन्य समस्याओं के समाधान का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था।

ज्ञापन में कहा गया है कि अत्यंत खेद के साथ अवगत कराना है कि 15 सितंबर 2026 तक भी प्रदेश के अनेक निजी विद्यालयों को उनका आरटीई पुनर्भरण भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। इससे निजी विद्यालयों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न होने के साथ-साथ शासन स्तर पर दिए गए आश्वासनों की पालना पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा होता है।

समिति ने शासन से आरटीई के समस्त लंबित पुनर्भरण भुगतान तत्काल जारी करने, तकनीकी एवं दस्तावेजी कारणों से लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करने तथा 08 अगस्त 2026 की वार्ता में दिए गए अन्य सभी आश्वासनों की समयबद्ध पालना करने की मांग की है। इसके साथ ही की गई कार्रवाई की लिखित अनुपालन रिपोर्ट समिति को उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।

समिति ने शासन को 15 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2026 तक छह दिवस की अंतिम समय सीमा दी है। इस अवधि में आरटीई भुगतान एवं अन्य लंबित समस्याओं पर ठोस, प्रभावी एवं लिखित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि 21 सितंबर 2026 तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर समिति 22 सितंबर 2026 से प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन एवं शांतिपूर्ण सामूहिक विरोध कार्यक्रम शुरू करेगी। इसके साथ ही प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।

समिति ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य शासन से टकराव नहीं, बल्कि वार्ता एवं संवैधानिक माध्यम से समाधान है। समिति का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए। ऐसे में 08 अगस्त 2026 की वार्ता में किए गए आश्वासन की तत्काल पालना करते हुए आरटीई का समस्त लंबित भुगतान जारी करने की मांग की गई है। अन्यथा समिति लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।आमेट। निजी विद्यालय संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक लाल सिंह झाला ने प्रमुख शासन सचिव, स्कूल शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग, जयपुर को ज्ञापन भेजकर आरटीई के लंबित पुनर्भरण भुगतान और निजी विद्यालयों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए छह दिवस की अंतिम चेतावनी दी है। समिति ने स्पष्ट किया है कि 21 सितंबर 2026 तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर 22 सितंबर 2026 से प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन एवं शांतिपूर्ण सामूहिक विरोध कार्यक्रम शुरू किया जाएगा तथा प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।

प्रदेश संयोजक लाल सिंह झाला ने अपने अंतिम एवं अति आवश्यक ज्ञापन में बताया कि 08 अगस्त 2026 को शासन एवं निजी विद्यालय प्रतिनिधियों के मध्य हुई वार्ता में आरटीई के समस्त लंबित पुनर्भरण भुगतान को अगस्त 2026 तक जारी करने सहित निजी विद्यालयों की अन्य समस्याओं के समाधान का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था।

ज्ञापन में कहा गया है कि अत्यंत खेद के साथ अवगत कराना है कि 15 सितंबर 2026 तक भी प्रदेश के अनेक निजी विद्यालयों को उनका आरटीई पुनर्भरण भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। इससे निजी विद्यालयों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न होने के साथ-साथ शासन स्तर पर दिए गए आश्वासनों की पालना पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा होता है।

समिति ने शासन से आरटीई के समस्त लंबित पुनर्भरण भुगतान तत्काल जारी करने, तकनीकी एवं दस्तावेजी कारणों से लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करने तथा 08 अगस्त 2026 की वार्ता में दिए गए अन्य सभी आश्वासनों की समयबद्ध पालना करने की मांग की है। इसके साथ ही की गई कार्रवाई की लिखित अनुपालन रिपोर्ट समिति को उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।

समिति ने शासन को 15 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2026 तक छह दिवस की अंतिम समय सीमा दी है। इस अवधि में आरटीई भुगतान एवं अन्य लंबित समस्याओं पर ठोस, प्रभावी एवं लिखित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि 21 सितंबर 2026 तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर समिति 22 सितंबर 2026 से प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन एवं शांतिपूर्ण सामूहिक विरोध कार्यक्रम शुरू करेगी। इसके साथ ही प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।

समिति ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य शासन से टकराव नहीं, बल्कि वार्ता एवं संवैधानिक माध्यम से समाधान है। समिति का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए। ऐसे में 08 अगस्त 2026 की वार्ता में किए गए आश्वासन की तत्काल पालना करते हुए आरटीई का समस्त लंबित भुगतान जारी करने की मांग की गई है। अन्यथा समिति लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

Tags: