93.200 किलो डोडा चूरा तस्करी मामला: राजसमंद कोर्ट ने आरोपी को 12 साल की सजा, 1.20 लाख जुर्माना
राजसमंद के भीम थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में 93.200 किलो डोडा चूरा बरामदगी के मामले में एनडीपीएस कोर्ट ने आरोपी मूलाराम उर्फ मूलादास को 12 वर्ष के कठोर कारावास और 1.20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जानिए पुलिस कार्रवाई, जांच, अभियोजन और अदालत के फैसले की पूरी जानकारी।
तस्वीर में बाएं तरफ वकील और दाएं तरफ पुलिसकर्मियों के साथ खड़े आरोपी दिख रहे हैं।
राजसमंद के भीम थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में पकड़े गए 93.200 किलोग्राम डोडा चूरा तस्करी मामले में माननीय विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस एक्ट, राजसमंद ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार 12 अक्टूबर 2017 की रात करीब 8:30 बजे तत्कालीन थाना प्रभारी भीम ज्ञानेंद्र सिंह पुलिस जाब्ते के साथ बार चौकी पर नाकाबंदी कर रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की सफेद महिंद्रा स्कॉर्पियो को रोककर उसकी तलाशी ली गई। वाहन में मूलाराम उर्फ मूलादास निवासी राठौड़ों की ढाणी, जिला बाड़मेर (हाल जोधपुर) तथा श्रवणराम निवासी बाड़मेर सवार मिले।
वाहन की तलाशी के दौरान पुरानी साड़ियों से बने तीन बोरों में कुल 93.200 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ और वाहन को जब्त कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज करते हुए अनुसंधान शुरू किया।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मूलाराम एवं श्रवणराम के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 तथा मुकंदलाल के विरुद्ध धारा 8/29 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक गोपाल कृष्ण जाट ने न्यायालय के समक्ष 55 दस्तावेज और 15 गवाह प्रस्तुत किए। उन्होंने तर्क दिया कि युवा पीढ़ी में बढ़ते नशे के प्रचलन तथा आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में डोडा चूरा बरामद होने के कारण कठोर दंड दिया जाना आवश्यक है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय विशिष्ट न्यायाधीश सुनील कुमार ओझा ने आरोपी मूलाराम उर्फ मूलादास को दोषसिद्ध मानते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास, 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड तथा जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ वर्ष 2017 के इस डोडा चूरा तस्करी प्रकरण में न्यायालय ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए दंड निर्धारित किया।