संत श्री आशारामजी आश्रम, आमेट में श्रद्धा और उत्साह से मना गुरु पूर्णिमा महोत्सव, उमड़े श्रद्धालु

आमेट स्थित संत श्री आशारामजी आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना, गुरु पादुका पूजन, सामूहिक जप-संकल्प और विशेष प्रार्थनाओं में भाग लिया। कार्यक्रम में 'ऋषि प्रसाद' पत्रिका की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई।

Update: 2026-07-30 08:19 GMT

तस्वीर में आमेट स्थित संत श्री आशारामजी आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान सजे हुए गुरु दरबार और सत्संग भवन में बैठे हुए श्रद्धालु दिखाई दे रहे हैं।

आमेट स्थित संत श्री आशारामजी आश्रम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण आश्रम पहुंचे और गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल गुरु वंदना के साथ हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गुरु पादुका पूजन, मानस गुरु-पूजन तथा विशेष प्रार्थनाएं कर सद्गुरु के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। पूरे दिन आश्रम परिसर और सत्संग भवन श्रद्धालुओं की उपस्थिति से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने पूज्य गुरुदेव के शीघ्र दर्शन की कामना करते हुए सामूहिक जप-संकल्प भी किया। अनेक भक्त अपने गुरुदेव का स्मरण करते हुए भाव-विभोर दिखाई दिए। श्रद्धालुओं ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से उन्हें अपने पूज्य गुरुदेव के प्रत्यक्ष दर्शन एवं सत्संग का सौभाग्य प्राप्त नहीं हो पाया है, जिससे वे अत्यंत व्यथित हैं।

महोत्सव के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूज्य बापूजी द्वारा दिए गए परोपकार, संयम, सदाचार, कर्तव्यपालन, संस्कृति संरक्षण, गौ-सेवा एवं समाज सेवा के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।

इसी अवसर पर आश्रम से प्रकाशित मासिक पत्रिका 'ऋषि प्रसाद' की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। सेवादार भाइयों ने बताया कि यह पत्रिका वर्षों से लाखों पाठकों को स्वस्थ, सुखी एवं सम्मानित जीवन की प्रेरणा प्रदान कर रही है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी पत्रिका की विशेषताओं का प्रचार-प्रसार करते हुए अपने सद्गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

देश-विदेश स्थित संत श्री आशारामजी आश्रमों में भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। आमेट आश्रम में आयोजित यह आयोजन श्रद्धालुओं की आस्था, गुरु परंपरा के प्रति समर्पण तथा आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा का केंद्र बना रहा।

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