गुरु पूर्णिमा पर संत मनसुख राम जी महाराज बोले, गुरु ही अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का माध्यम

नाथद्वारा शहर के शाहपुरा स्थित उपला रामद्वारा में धर्म, धैर्य, ध्यान चातुर्मास के अंतर्गत गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन हुआ। जालौर से पधारे संत मनसुख राम जी महाराज ने गुरु महिमा, नाम मंत्र, माता-पिता की सेवा और राम नाम के महत्व पर श्रद्धालुओं को प्रेरक संदेश दिया।

Update: 2026-07-30 12:04 GMT

तस्वीर में नाथद्वारा के उपला रामद्वारा में व्यास पीठ पर बैठकर प्रवचन देते हुए संत मनसुख राम जी महाराज नजर आ रहे हैं।

नाथद्वारा शहर के शाहपुरा स्थित उपला रामद्वारा में धर्म, धैर्य, ध्यान चातुर्मास के अंतर्गत गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जालौर से पधारे अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के परम विद्वान संत मनसुख राम जी महाराज ने गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का माध्यम है।

संत मनसुख राम जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस प्रकार विद्यालय की शिक्षा से मनुष्य के शरीर का कल्याण होता है, उसी प्रकार शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त करने से आत्मा का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि गुरु स्वयं अग्नि तत्व हैं और अग्नि जीवन के विकारों को समाप्त करने का प्रयास करती है। परंतु जब तक गुरु के द्वारा नाम मंत्र की प्राप्ति नहीं होती, तब तक मनुष्य के जीवन में वास्तविक उन्नति संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस संसार में सबसे पहले माता-पिता ही गुरु हैं और उनके बाद वे गुरु हैं जो नाम मंत्र प्रदान करते हैं। ऐसे गुरु की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु के मार्गदर्शन का अनुसरण करते हुए अपने जीवन को सुधारने का प्रयास करें तथा अपने माता-पिता की सेवा करते हुए परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग अपनाएं।

कार्यक्रम के दौरान दिनभर उपला रामद्वारा में भक्तों का आगमन बना रहा। रात्रि में सुंदर सत्संग का आयोजन भी हुआ। संत ने कहा कि श्रावण माह प्रारंभ हो चुका है। भगवान महादेव की महिमा जन-जन का कल्याण करती है, लेकिन भगवान महादेव को केवल राम नाम प्रिय है।

रामद्वारा की कार्यकारिणी के सदस्य ने सभी सनातन धर्म प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में रामद्वारा पहुंचकर रामकथा श्रवण करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि रामकथा का समय सायंकाल 7:30 बजे से है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से रामकथा में पधारकर अपने जीवन में पुण्य जागृत करने का आह्वान किया।

Tags:    

Similar News