तस्वीर में राजसमंद जिला कारागृह के डिप्टी जेलर भंवर सिंह और अन्य पुलिसकर्मी परिसर में खड़े नजर आ रहे हैं।

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गुरुवार को राजसमंद जिला कारागृह में भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का भावुक दृश्य देखने को मिला। जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनों ने उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और भावुक होकर उनसे अपराध की दुनिया छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने का आग्रह किया।

राखी बांधते समय कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने भाइयों से कहा कि उनके अपराध का असर केवल उन पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। बहनों ने भाइयों से वादा लिया कि जेल से बाहर आने के बाद वे अपराध से दूर रहकर परिवार और समाज के लिए बेहतर जीवन जीएंगे।

इस दौरान भाइयों ने भी अपनी बहनों को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपराध से दूर रहेंगे और परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन बिताने का प्रयास करेंगे। कुछ बंदी भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार देने के बजाय खाली हाथ ही आशीर्वाद दिया, लेकिन उनके शब्दों में जिंदगी बदलने का संकल्प साफ दिखाई दिया।


 


रक्षाबंधन के आयोजन को लेकर जिला कारागृह के डिप्टी जेलर भंवर सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्णय के अनुसार महिलाओं को जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने का अवसर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने के साथ-साथ बंदियों को अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराना भी है।

डिप्टी जेलर भंवर सिंह ने कहा कि व्यक्ति को अपराध करने से पहले एक बार यह जरूर सोचना चाहिए कि उसके इस कदम का उसके परिवार पर क्या असर पड़ेगा। अपराध की सजा केवल अपराध करने वाले व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके परिवार को भी मानसिक और सामाजिक रूप से भुगतनी पड़ती है।

रक्षाबंधन के मौके पर जिला कारागृह में आयोजित यह पहल बंदियों और उनके परिजनों के लिए भावुक पल लेकर आई। बहनों की राखी और भाइयों के संकल्प ने इस पर्व को केवल एक रस्म नहीं, बल्कि अपराध छोड़कर नई शुरुआत करने के संदेश में बदल दिया।

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